मुजफ्फरपुर : अहियापुर थाना क्षेत्र में बंद घरों को निशाना बनाकर हुई चोरी की घटनाओं में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर 11.37 लाख रुपये से अधिक नकद और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद Muzaffarpur Ahiyapur Theft Case से जुड़े चार मामलों के खुलासे की बात सामने आई है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस कथित गिरोह का जिले के दूसरे थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं से कोई कनेक्शन है या नहीं।
एसडीपीओ टाउन टू विनीता सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी।
Muzaffarpur Theft Case की जांच कैसे शुरू हुई?
पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को खलीकुज्जमा नामक व्यक्ति ने अहियापुर थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि 29 जून की रात अज्ञात चोरों ने उनके घर से नकदी, जरूरी कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस और घर की चाबियों का गुच्छा चोरी कर लिया।
इसके अलावा तीन मोबाइल फोन, एक एप्पल वॉच और अन्य सामान भी गायब होने की शिकायत की गई थी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
SSP के निर्देश पर बनी विशेष टीम, 14 जुलाई को चार गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर टाउन डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी की गई। इसी क्रम में 14 जुलाई को चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अहियापुर थाना क्षेत्र के छिट भगवतीपुर निवासी नीतीश कुमार और धर्मेंद्र सहनी, नगर थाना क्षेत्र के मिथुन महतो तथा सरैया निवासी दुर्गेश कुमार के रूप में की गई है।
अहियापुर की चार चोरी की वारदातों में संलिप्तता का पुलिस का दावा
एसडीपीओ टाउन टू के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने अहियापुर थाना में दर्ज चार चोरी के मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने इन मामलों को कांड संख्या 800/26, 872/26, 1044/26 और 1111/26 बताया है।
हालांकि आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और अंतिम रूप से दोष का निर्धारण न्यायालय करेगा।
11.37 लाख कैश के साथ सोने-चांदी के जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर बड़ी मात्रा में नकदी और सामान बरामद करने का दावा किया है।
बरामद सामान में 11,37,080 रुपये नकद, सोने की तीन अंगूठियां, दो सोने की चेन, दो मंगलसूत्र, एक मांगटीका, एक नथूनी और चार नोजपिन शामिल हैं।
इसके अलावा एक जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी कान के आभूषण, छह जोड़ी चांदी की पायल और एक चांदी का ब्रेसलेट भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने चार मोबाइल फोन, एक हीरो साइकिल, एक कैमरा, पांच गैस सिलेंडर और दो बैग समेत अन्य सामान भी जब्त किया है।
तकिए के खोल में छिपाकर रखे गए थे चोरी के रुपये
इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली बात नकदी छिपाने के कथित तरीके को लेकर सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, चोरी की रकम को जैकेट, कोट और तकिए के खोल में छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने इन स्थानों से नकदी बरामद करने का दावा किया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी किन-किन चोरी की घटनाओं से जुड़ी है।
Muzaffarpur Crime: चोरी की रकम और शराब कारोबार के कनेक्शन की जांच
एसडीपीओ टाउन टू के अनुसार, गिरफ्तार नीतीश कुमार और मिथुन महतो के खिलाफ पहले भी नगर और मिठनपुरा थानों में शराब अधिनियम से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं।
पुलिस का दावा है कि कथित गिरोह चोरी से हासिल रकम का इस्तेमाल शराब मंगाने और बेचने में करता था।
इस दावे की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों के साथ और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
दूसरे थाना क्षेत्रों की चोरी में भी हो सकती है पूछताछ
फिलहाल चारों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है। पुलिस जिले के दूसरे थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की घटनाओं का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
तकनीकी साक्ष्य और बरामद सामान के आधार पर अन्य मामलों में इनकी संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है।