बिहार के कटिहार में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर से मो. अहद नाम के एक व्यक्ति को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों को उसके कथित सीमा पार संपर्क को लेकर संदेह है।

Katihar से जुड़े इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों, स्टेट इंटेलिजेंस और कटिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियां मो. अहद की सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित पाकिस्तानी संपर्कों की जांच कर रही हैं।

हालांकि जांच पूरी होने से पहले उसके खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध संपर्कों का मकसद क्या था और क्या इस नेटवर्क से भारत में अन्य लोग भी जुड़े हैं।

Katihar : मूसापुर में संयुक्त टीम का ऑपरेशन

जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को मो. अहद की कथित डिजिटल गतिविधियों को लेकर इनपुट मिला था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों, स्टेट इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस के स्तर पर जानकारी जुटाई गई।

जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर कोढ़ा थाना क्षेत्र के मूसापुर में संयुक्त कार्रवाई की गई और मो. अहद को पकड़ा गया।

बताया जा रहा है कि कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। स्थानीय स्तर पर भी ऑपरेशन से जुड़ी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

पाकिस्तानी नेटवर्क से कथित संपर्क की जांच

इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पहलू मो. अहद के कथित सीमा पार संपर्क बताए जा रहे हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एजेंसियां उसके सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और बातचीत की प्रकृति क्या थी।

उसके कथित तौर पर पाकिस्तानी गैंगस्टर या आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

संदिग्ध ‘लाइनर’ की भूमिका पर एजेंसियों का फोकस

जांच में मो. अहद की कथित ‘लाइनर’ की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

आमतौर पर जांच एजेंसियां किसी नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने, संपर्क स्थापित करने या गतिविधियों में सहायता करने वाले संदिग्ध सहयोगी की भूमिका की अलग-अलग एंगल से जांच करती हैं।

इस मामले में भी यह पता लगाया जा रहा है कि मो. अहद की वास्तविक भूमिका क्या थी। क्या वह सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था या कथित नेटवर्क के लिए किसी दूसरी गतिविधि में भी शामिल था, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

मोबाइल और डिजिटल संपर्क खोल सकते हैं नेटवर्क के राज

सुरक्षा एजेंसियों का फोकस अब डिजिटल सबूतों पर रहने की संभावना है। सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल कम्युनिकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की जांच से कथित नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं।

जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मो. अहद के संपर्क सिर्फ सीमा पार तक सीमित थे या देश के भीतर भी कोई नेटवर्क सक्रिय है।

अगर जांच में अन्य संदिग्ध संपर्क सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

Katihar Police और सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ जारी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मो. अहद से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूछताछ कर रही हैं।

पूछताछ में उसके कथित विदेशी संपर्क, सोशल मीडिया गतिविधियों और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े सवालों पर फोकस किया जा रहा है।

मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं वाला होने के कारण जांच एजेंसियां हर जानकारी की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।