सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मरीज के परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज में कथित लापरवाही का विरोध करने पर अस्पताल के डॉक्टर और सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, News TV India वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता और न ही प्रशासन की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे अपने एक मरीज को इलाज के लिए पतरघट सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिल रहा था। जब उन्होंने इस संबंध में अस्पताल कर्मियों से सवाल किए तो विवाद शुरू हो गया।

परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने आई महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद अस्पताल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अस्पताल परिसर में हंगामा और लोगों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रही घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी तक संबंधित प्रशासन या पुलिस की ओर से नहीं की गई है।

जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा तो लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा प्रभावित होगा।

अस्पताल प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना के संबंध में किसी पक्ष की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।

जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। प्रशासनिक जांच या पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। ऐसे मामलों में जांच रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी।