बिहार के सुपौल में कोसी पुनर्वासित सैकड़ों परिवारों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज के समीप धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक देने, Holding Tax से राहत, आवास योजना का लाभ और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व समाजसेवी लव यादव ने किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार पर पुनर्वासित परिवारों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की।

जमीन का मालिकाना हक नहीं मिलने का लगाया आरोप

धरना में शामिल लोगों का कहना था कि कोसी की विभीषिका के बाद उन्हें वर्षों पहले पुनर्वासित किया गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद अब तक पुनर्वास की जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला है। उनका दावा है कि इसी कारण बड़ी संख्या में परिवार सरकारी आवास योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पहले पुनर्वासित परिवारों को जमीन का स्वामित्व दिया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र बन सकें।

Holding Tax को लेकर भी जताई नाराजगी

धरना में शामिल लोगों ने नगर परिषद सुपौल द्वारा वर्ष 2013 से Holding Tax लगाए जाने का भी विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पुनर्वास की जमीन का स्वामित्व स्पष्ट नहीं होता, तब तक उनसे होल्डिंग टैक्स वसूलना उचित नहीं है।

उन्होंने मांग की कि पुनर्वासित परिवारों को फिलहाल होल्डिंग टैक्स से मुक्त किया जाए और उनकी अन्य समस्याओं का भी समाधान किया जाए।

आवास योजना और मूलभूत सुविधाओं की भी उठाई मांग

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुनर्वासित बस्तियों में रहने वाले कई परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना है कि आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें अपेक्षित रूप से नहीं मिल रहा है।

धरना में शामिल लोगों ने सरकार से पुनर्वासित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

राज्यपाल के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

धरना के बाद प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल के नाम सुपौल के जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।