हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई Haryana Cabinet की बैठक में स्थानीय निकायों को धनराशि देने, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पात्रता बढ़ाने, मीडिया कर्मियों को आर्थिक सहायता और पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में छूट देने समेत कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में इनकी जानकारी दी।

Haryana Cabinet का फैसला: स्थानीय निकायों को मिलेगा 7% राजस्व

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों को धनराशि का हस्तांतरण जारी रखने की मंजूरी दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से अगले राज्य वित्त आयोग की सिफारिशें आने तक ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को धनराशि मिलती रहेगी।

राज्य के अपने कर राजस्व का वास्तविक आधार पर 7 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। इसमें से 55 प्रतिशत पंचायती राज संस्थाओं को और 45 प्रतिशत शहरी स्थानीय निकायों को मिलेगा।

गांवों और शहरों के बीच आवंटन का आधार जनसंख्या और क्षेत्रफल होगा। ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को मिलने वाली राशि 80 प्रतिशत जनसंख्या और 20 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर बांटी जाएगी। पंचायती राज संस्थाओं के तीन स्तरों में राशि का वितरण इस प्रकार होगा:

  • जिला परिषदों को 10 प्रतिशत
  • पंचायत समितियों को 15 प्रतिशत
  • ग्राम पंचायतों को 75 प्रतिशत

Haryana Cabinet ने बढ़ाई लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा

मंत्रिमंडल ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने का फैसला लिया है। तीन विशेष श्रेणियों के लिए सीमा 3 लाख रुपये कर दी गई है।

  • पहली श्रेणी: वे माताएं, जिनके बच्चों ने 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।
  • दूसरी श्रेणी: वे माताएं, जिनके बच्चों ने कक्षा 1 से 4 तक निपुण भारत मिशन के मानकों के अनुसार अपनी कक्षा के स्तर की दक्षता हासिल की हो।
  • तीसरी श्रेणी: वे माताएं, जिनके बच्चे गंभीर या मध्यम तीव्र कुपोषण से उबरकर सामान्य स्वास्थ्य स्थिति में आ गए हों।

हर तीन महीने में होगा लाइवनेस सत्यापन

लाभार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब हर महीने के बजाय प्रत्येक तीन महीने में एक बार लाइवनेस सत्यापन कराना होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी।

CRID को स्वतंत्र विभाग का दर्जा

मंत्रिमंडल ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी दी है। हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को भी CRID के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव से जुड़ा है।

मीडिया कर्मियों को अब 5 लाख रुपये तक सहायता

हरियाणा मीडिया कर्मी कल्याण कोष प्रशासन योजना के तहत पात्र मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मीडिया कर्मियों के कल्याण और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पात्रता पूरी करने वाले मीडिया कर्मियों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी।

पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में छूट

Haryana Cabinet ने पूर्व अग्निवीरों के हित में भी अहम फैसला लिया है। राज्य की अग्निवीर नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप सी पदों की सीधी भर्ती में उन्हें सभी प्रकार की लिखित परीक्षाओं से छूट दी गई है।

इसके अलावा वन्य जीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को लागू प्रावधानों के अनुसार शारीरिक स्क्रीनिंग टेस्ट और शारीरिक माप परीक्षण से भी छूट मिलेगी।