Iran UAE Relations : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि दोनों देश पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखना चाहते हैं।

पेजेश्कियान का यह बयान भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के बाद आया है। ईरानी राष्ट्रपति ने बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया।

पुराने विवादों को पीछे छोड़ने की बात

पेजेश्कियान के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत में आगे मिलकर काम करने और पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ने की इच्छा सामने आई।

ईरान और UAE के बीच संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत और ईरानी राष्ट्रपति का ताजा बयान क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, इस बयान के आधार पर दोनों देशों के रिश्तों में तत्काल बड़े बदलाव की घोषणा मानना अभी जल्दबाजी होगी।

क्षेत्रीय तनाव के बीच हुई मुलाकात

ईरान और UAE के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच सैन्य तनाव का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ा है। खाड़ी देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में ईरान और UAE के शीर्ष नेताओं के बीच सीधा संवाद क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों के लिहाज से अहम हो सकता है।

व्यापारिक रिश्तों पर भी नजर

दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का असर आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हाल के दौर में दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क को लेकर भी तनाव देखने को मिला है।

ऐसे में पेजेश्कियान का पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ने का बयान दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों की संभावित दिशा को लेकर महत्वपूर्ण है। हालांकि, व्यापार और वित्तीय लेन-देन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है।

BRICS में मुलाकात का क्या महत्व?

भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन ने ईरान और UAE के नेताओं को एक ही मंच पर बातचीत का अवसर दिया। BRICS के विस्तार के बाद मध्य पूर्व के कई महत्वपूर्ण देश इस समूह से जुड़े हैं, जिससे संगठन की क्षेत्रीय भूमिका भी बढ़ी है।

ईरान और UAE के बीच बेहतर संवाद से सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों पर ही असर नहीं पड़ेगा, बल्कि खाड़ी क्षेत्र की राजनीति और व्यापक मध्य पूर्व की कूटनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तेहरान की ओर से रिश्तों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक संदेश आया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह बयान आगे चलकर कूटनीतिक संपर्क, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों में ठोस बदलाव का रास्ता खोलता है।