नई दिल्ली/गुरुग्राम: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक से मुलाकात करने पहुंचे करीब 15 विपक्षी सांसदों को मंगलवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद अस्पताल के बाहर कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और कई सांसदों ने पुलिस के फैसले का विरोध करते हुए धरना दिया। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के नियमों और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार फिलहाल केवल मरीज के करीबी परिजनों को ही मिलने की अनुमति दी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने इसे सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल से जुड़ा निर्णय बताया।
Sonam Wangchuk से मिलने पहुंचे थे कई विपक्षी सांसद
जानकारी के अनुसार, विभिन्न विपक्षी दलों के करीब 15 सांसद सोनम वांगचुक का हालचाल जानने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि, अस्पताल के प्रवेश द्वार पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
पुलिस अधिकारियों ने सांसदों से कहा कि अस्पताल के मौजूदा नियमों के तहत केवल मरीज के करीबी परिजन ही उनसे मिल सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि सांसद चाहें तो वांगचुक की पत्नी गीतांजलि से मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन मरीज से मिलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
संजय सिंह ने अस्पताल के बाहर दिया धरना
अस्पताल में प्रवेश नहीं मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विरोध जताया और मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई।
संजय सिंह ने कहा कि यह एक निजी अस्पताल है और ऐसे में किसी मरीज से मिलने पर इस तरह की रोक समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण के विपक्षी सांसदों को रोका जा रहा है।
प्रिया सरोज ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने की अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक वे अस्पताल के बाहर ही मौजूद रहेंगी।
प्रिया सरोज ने दावा किया कि उनसे पहले कुछ अन्य लोगों को अस्पताल में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, जबकि विपक्षी सांसदों को रोक दिया गया। उन्होंने पुलिस से मेडिकल प्रोटोकॉल और मुलाकात से जुड़े नियम सार्वजनिक करने की भी मांग की।
वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वीडियो में संजय सिंह, प्रिया सरोज और अन्य सांसद अस्पताल के बाहर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते और अंदर जाने की अनुमति मांगते नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद इस मामले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
पुलिस और अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?
पुलिस का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से तय किए गए नियमों और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही मुलाकात की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मरीज की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार को ध्यान में रखते हुए फिलहाल केवल सीमित लोगों को ही मिलने दिया जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से भी संकेत दिया गया है कि मुलाकात से जुड़े सभी फैसले चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार लिए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा।
घटना ने पकड़ा राजनीतिक रंग
सोनम वांगचुक से मुलाकात को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि निर्णय पूरी तरह अस्पताल के नियमों और मरीज के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।