Ravneet Singh Bittu Resignation : केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना में इसकी पुष्टि की गई है। इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही बिट्टू अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे।

हाल के दिनों में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और दोबारा सदन में नहीं पहुंच पाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज थीं। ऐसे में उनका इस्तीफा कई सवाल भी खड़े कर रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस्तीफे की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

Ravneet Singh Bittu Resignation पर राष्ट्रपति भवन ने क्या कहा?

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। आदेश जारी होने के साथ ही यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।

गौरतलब है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट्स में इस इस्तीफे को अन्य समकालीन घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन ऐसी किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं

रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया। तभी से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र सरकार में उनकी भूमिका को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।

अब इस्तीफा स्वीकार होने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।

कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए थे बिट्टू

रवनीत सिंह बिट्टू ने मार्च 2024 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में उन्हें रेल राज्य मंत्री बनाया गया।

इस फैसले को उस समय भाजपा की पंजाब रणनीति के लिहाज से अहम माना गया था।

पंजाब की राजनीति में मजबूत पहचान

रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। वह तीन बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद बने।

कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने पार्टी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2021 में कुछ समय के लिए उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का नेता भी बनाया गया था, जब तत्कालीन नेता अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त थे।

बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

अब आगे क्या होगा?

रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद अब रेल राज्य मंत्री का पद खाली हो गया है। ऐसे में निगाहें इस बात पर रहेंगी कि केंद्र सरकार इस जिम्मेदारी के लिए नए चेहरे का चयन करती है या आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में इस पद को भरा जाएगा।