Public Examinations Amendment Bill 2026 : संसद से 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका स्वागत किया है। दोनों नेताओं ने इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के उद्देश्य से लाया गया है।

Public Examinations Amendment Bill 2026: अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने संसद से इस विधेयक को पारित कराकर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। उनके अनुसार, यह कानून सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने दावा किया कि मेरिट आधारित व्यवस्था से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़े दंड के प्रावधान किए गए हैं, जिससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के हितों की रक्षा होगी।

शिवराज सिंह चौहान ने भी जताया स्वागत

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विधेयक के पारित होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियों से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, इससे छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।

विधेयक में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

सरकार के अनुसार, संशोधन विधेयक में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान।
  • मामलों की समयबद्ध जांच
  • गंभीर मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था।
  • आवश्यकता पड़ने पर विशेष एसटीएफ (Special Task Force) गठित करने का प्रावधान।
  • परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य करने का प्रावधान।

अभी कानून बनने की प्रक्रिया पूरी होना बाकी

यह विधेयक संसद से पारित हो चुका है। किसी विधेयक के पूर्ण कानून बनने के लिए उसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती हैं। इसके बाद संबंधित प्रावधानों के लागू होने की अधिसूचना जारी की जाती है।

सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना तथा छात्रों की मेहनत की निष्पक्ष सुरक्षा सुनिश्चित करना है।