Key Highlights
- राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 पेपर लीक और अनियमितताओं का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।
- इस मुद्दे को अब संसद की स्थायी समिति में उठाने की तैयारी की जा रही है, जिससे इस पर व्यापक चर्चा हो सके।
- दिल्ली में आक्रोशित छात्रों ने बुधवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) मुख्यालय का घेराव कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 से जुड़ा पेपर लीक और अनियमितताओं का प्रकरण लगातार गहराता जा रहा है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में अब राजस्थान के बाद केरल से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं, जो मामले की परतें खोल रहे हैं। इस संवेदनशील मुद्दे को अब संसद की स्थायी समिति में उठाने की तैयारी कर ली गई है, जिससे इस पर राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा सके।
दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का गुस्सा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के मुख्यालय के बाहर फूट पड़ा। बुधवार को नाराज छात्रों ने एनटीए कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जांच का दायरा बढ़ा: राजस्थान से केरल तक जुड़ाव
एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली नीट परीक्षा, जो 3 मई को हुई थी, उसे रद्द कर दिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को 7 मई की देर शाम, यानी परीक्षा के चार दिन बाद, कथित अनियमितताओं के संबंध में कुछ सूचनाएं मिली थीं। एनटीए ने इन सूचनाओं को तुरंत, 8 मई की सुबह, स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया। अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही है।
अभी तक हुई जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, नीट-यूजी 2026 परीक्षा से पहले प्रसारित हुआ एक ‘गेस पेपर’ राजस्थान के सीकर जिले के एक छात्र तक पहुंचा था। यह छात्र वर्तमान में केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि केरल से इस छात्र ने कथित तौर पर वह गेस पेपर अपने कुछ दोस्तों और एक हॉस्टल संचालक को भेजा था। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि गेस पेपर में शामिल कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी मिलते-जुलते थे।
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि छात्र को यह सामग्री कहां से मिली और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। डिजिटल उपकरणों और चैट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है, जिससे पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
संसदीय समिति में गूंजेगा मुद्दा, विपक्ष की आवाज बुलंद
समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने बुधवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले को देश की परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा करने वाला गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां सरकार की विफलता का स्पष्ट संकेत हैं।
बर्क ने घोषणा की कि वह इस मुद्दे को संसदीय शिक्षा समिति की बैठक में उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और उनके भविष्य दोनों पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। विपक्षी दलों ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और एनटीए की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच की मांग तेज कर दी है।
एनटीए मुख्यालय पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
दिल्ली में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी 2026 में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में एनटीए मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के हितों की रक्षा करने की पुरजोर मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने परीक्षा प्रणाली पर उनके भरोसे को कमजोर कर दिया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
छात्रों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियां देशभर के लाखों विद्यार्थियों के परिश्रम, विश्वास और भविष्य पर सीधा आघात हैं। अभाविप ने कहा कि नीट-यूजी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है। वर्षों की कठिन तैयारी और अथक परिश्रम के बाद परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का अन्याय किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
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नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इस तरह की घटनाओं से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है? अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में बताएं।