नई दिल्ली डेस्क: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के आयोजन को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। पिछले वर्षों में सामने आए विवादों और पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है।

एनटीए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। एजेंसी का उद्देश्य सभी अभ्यर्थियों को एक समान और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना है।

देश और विदेश में हजारों केंद्रों पर होगी परीक्षा

नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) का आयोजन भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में भी 14 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा अंग्रेजी समेत 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित होगी, ताकि विभिन्न राज्यों के छात्रों को अपनी पसंद की भाषा में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

इस वर्ष बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के कारण परीक्षा केंद्रों और कक्षों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। देशभर में लगभग 95 हजार परीक्षा कक्ष तैयार किए गए हैं।

AI और CCTV के जरिए होगी लाइव निगरानी

परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए एनटीए ने हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की है। देशभर के परीक्षा केंद्रों में कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए परीक्षा गतिविधियों की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर रियल टाइम में की जाएगी।

इसके साथ ही कैमरों से प्राप्त फुटेज का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण भी किया जाएगा। यदि किसी केंद्र पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

नकल रोकने के लिए लगाए गए हजारों जैमर

एनटीए (NTA) ने परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए हैं। यह व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के सहयोग से तैयार की गई है।

इन जैमर की मदद से मोबाइल नेटवर्क और अन्य वायरलेस संचार माध्यमों पर नियंत्रण रखा जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो सके।

हर परीक्षा कक्ष में दो इनविजिलेटर रहेंगे तैनात

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक कक्ष में दो इनविजिलेटर तैनात किए जाएंगे। वहीं हर केंद्र पर 10 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है।

इस बार अभ्यर्थियों की पहचान को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक को भी शामिल किया गया है। परीक्षा प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए करीब 6,700 ऑब्जर्वर और 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं।

गोपनीय सामग्री की सुरक्षा में जुटी कई एजेंसियां

प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री की सुरक्षा के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग की सहायता ली जा रही है। परीक्षा से एक दिन पहले यानी 20 जून को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित कर सभी व्यवस्थाओं की जांच भी की गई।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा सामने न आए।

छात्रों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पेयजल, ओआरएस, एम्बुलेंस, छाया और बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाई गई है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रफ शीट भी उपलब्ध कराई जाएगी।

अफवाहों से बचने की अपील

एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर फैल रही पेपर लीक और अन्य अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। साथ ही अभ्यर्थियों से शांत और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। एनटीए का दावा है कि आधुनिक तकनीक और बहुस्तरीय निगरानी के जरिए परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित बनाया जाएगा।