Gurudwara Bangla Sahib News: दिल्ली के प्रसिद्ध गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर प्रवेश करने के आरोप को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने अकाल तख्त साहिब को ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कुछ छात्र गुरुद्वारे में पहुंचे थे। उनका पीछा करते हुए पुलिसकर्मी जूते पहनकर परिसर में दाखिल हुए, जिसे सिख धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया जा रहा है।

इस मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पहले निंदा कर चुके हैं। वहीं, AAP नेताओं ने अकाल तख्त साहिब से पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेने और मामले में उचित कार्रवाई करने की अपील की है।

गुरुद्वारा विवाद: AAP नेताओं ने अकाल तख्त को सौंपा ज्ञापन

दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर उठे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अमृतसर में अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर ने की।

AAP नेताओं ने कहा कि गुरुद्वारा सिख धर्म का पवित्र स्थल है और वहां धार्मिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं के मुताबिक, छात्र आंदोलन के दौरान कुछ छात्र गुरुद्वारे में पहुंचे थे। आरोप है कि उनका पीछा करते हुए पुलिसकर्मी जूते पहनकर परिसर के अंदर दाखिल हुए।

नेताओं ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए अकाल तख्त साहिब से मामले में हस्तक्षेप करने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

पुलिस के जूते पहनकर गुरुद्वारे में प्रवेश पर क्यों उठा विवाद?

गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर विवाद का मुख्य कारण धार्मिक मर्यादा से जुड़ा है। सिख परंपरा में गुरुद्वारे में प्रवेश करते समय जूते उतारना और परिसर की पवित्रता का सम्मान करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

AAP नेताओं का आरोप है कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिसकर्मियों ने इस परंपरा का पालन नहीं किया। इसी वजह से पार्टी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अकाल तख्त साहिब से कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, पुलिस के प्रवेश की परिस्थितियों, संबंधित अधिकारियों के पक्ष और कार्रवाई के पीछे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि सामने दिए गए विवरण में नहीं है। इसलिए मामले के सभी पहलुओं को समझने के लिए संबंधित पक्षों का बयान भी महत्वपूर्ण होगा।

AAP विधायक ग्यासपुरा को सचिवालय में रोके जाने का दावा

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से जुड़ी एक अन्य जानकारी भी सामने आई है। खबर के अनुसार, विधायक कुलवंत सिंह ग्यासपुरा को अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में जाने से रोक दिया गया।

इस घटनाक्रम को लेकर प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियां चर्चा में रहीं। हालांकि, उन्हें रोके जाने के कारण के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे नेताओं ने गुरुद्वारा बंगला साहिब की घटना पर अकाल तख्त साहिब से संज्ञान लेने की मांग की है।

ज्ञापन सौंपने वाले AAP नेताओं में कौन-कौन शामिल?

गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद को लेकर अकाल तख्त साहिब को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में पंजाब के कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।

इनमें प्रमुख नाम हैं:

  1. डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर
  2. गुरदीप सिंह रंधावा, डेरा बाबा नानक के विधायक
  3. जीवनजोत कौर, अमृतसर पूर्वी की विधायक
  4. कुलवंत सिंह पंडोरी, महल कलां के विधायक
  5. सरवन सिंह धुन्न, खेमकरण के विधायक
  6. कुलवंत सिंह ग्यासपुरा, लुधियाना के विधायक
  7. दलवीर सिंह तुंग, बाबा बकाला के विधायक
  8. सोनिया मान, राजासांसी की हलका प्रभारी
  9. अंगदीप सिंह, तरनतारन के पार्टी अध्यक्ष एवं जिला परिषद चेयरमैन
  10. मनजिंदर सिंह लालपुरा, खडूर साहिब के विधायक
  11. जसविंदर सिंह रमदास, अटारी के विधायक

प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में धार्मिक मर्यादा के सम्मान और उचित कार्रवाई की मांग उठाई।

CM भगवंत मान भी कर चुके हैं घटना की निंदा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी गुरुद्वारा बंगला साहिब से जुड़े इस मामले पर निंदा जता चुके हैं। खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया था कि दिल्ली पुलिस के जवान जबरदस्ती गुरुद्वारे में दाखिल हुए थे।

AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि गुरुद्वारा साहिब में किसी व्यक्ति के आने या ठहरने को लेकर सवाल नहीं होना चाहिए।

बलतेज पन्नू ने सवाल उठाया कि यदि कुछ लोग गुरुद्वारे में ठहरे हुए थे, तो वे कौन से अपराधी या आतंकवादी थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस को इस तरह प्रवेश करना पड़ा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग भी की।

ये बयान AAP नेताओं की ओर से सामने आए आरोपों और आपत्तियों को दर्शाते हैं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

 गुरुद्वारा बंगला साहिब मामले में आगे क्या?

गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर उठा विवाद अब धार्मिक मर्यादा, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से जुड़ गया है। AAP नेताओं ने अकाल तख्त साहिब को ज्ञापन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस घटना पर सवाल उठाए हैं।

अब इस मामले में अकाल तख्त साहिब की ओर से होने वाली कार्रवाई, दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष और घटना से जुड़ी परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

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