दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP Protest को अब बड़ा राजनीतिक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आंदोलन के समर्थन का ऐलान करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होने की अपील की है।
मुंबई में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य पर भरोसा रखने वाले लोगों को इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि वह स्वयं भी प्रदर्शनकारियों के बीच जाएंगे।
ठाकरे के बयान के बाद परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहा आंदोलन अब विपक्षी राजनीति के केंद्र में भी आता दिख रहा है।
CJP Protest पर उद्धव ठाकरे बोले- राहुल गांधी को भी जाना चाहिए
उद्धव ठाकरे ने कहा, “मैं भी जाऊंगा, राहुल गांधी जी को भी जाना चाहिए। देश के युवाओं पर विश्वास रखने वाले सभी लोगों को वहां पहुंचना चाहिए।”
उन्होंने लोगों और राजनीतिक दलों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। ठाकरे का कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठानी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि वांगचुक का जीवन महत्वपूर्ण है और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका स्वस्थ रहना जरूरी है।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP का प्रदर्शन 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा है। संगठन ने परीक्षा अनियमितताओं और कथित पेपर लीक के मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू किया है।
CJP ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है।
आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
Sonam Wangchuk के अनशन से आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
CJP Protest को उस समय और चर्चा मिली, जब सोनम वांगचुक आंदोलन में शामिल हुए और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
उनकी सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इसी मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है।
ठाकरे ने केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले उद्धव ठाकरे?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगने में कुछ भी गलत नहीं है।
उनका कहना था कि यदि परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो जिम्मेदारी और जवाबदेही पर चर्चा होनी चाहिए।
हालांकि केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से ठाकरे के ताजा बयान पर तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कई विपक्षी नेता CJP Protest के समर्थन में
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं का समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों से जुड़े कई नेता प्रदर्शन स्थल पहुंच चुके हैं।
आतिशी समेत कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर अपनी एकजुटता जाहिर की है।
अब उद्धव ठाकरे की ओर से राहुल गांधी को खुली अपील किए जाने के बाद कांग्रेस के रुख पर भी राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
Rahul Gandhi से अपील के क्या हैं राजनीतिक मायने?
राहुल गांधी लगातार पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते रहे हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे की अपील को विपक्षी एकजुटता से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
यदि राहुल गांधी या कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सीधे CJP Protest में शामिल होता है तो आंदोलन को बड़ा राजनीतिक मंच मिल सकता है।
वहीं भाजपा की ओर से विपक्ष पर इस मुद्दे के राजनीतिकरण के आरोप लगाए जाते रहे हैं। ऐसे में 20 जुलाई का प्रस्तावित मार्च सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नई राजनीतिक खींचतान की वजह बन सकता है।