NEET Paper Leak : NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच गुरुवार देर रात घटनाक्रम तेजी से बदला। करीब 88 मिनट के भीतर केंद्र सरकार और आंदोलन से जुड़े चार अहम फैसले सामने आए। इनमें शिक्षा सचिव का तबादला, पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छात्रों के नाम संदेश और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का 26 दिन बाद अनशन समाप्त करना शामिल रहा।

इन घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ दे दिया है।

NEET Paper Leak मामले में 88 मिनट में क्या-क्या हुआ?

रात 11:04 बजे: शिक्षा सचिव का तबादला

सबसे पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया। शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया। इसी आदेश में कई अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए।

रात 11:10 बजे: फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था

शिक्षा सचिव के तबादले के कुछ ही मिनट बाद पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत बनाई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन मामलों की सुनवाई विशेष न्यायाधीश के समक्ष होगी ताकि जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

रात 11:52 बजे: छात्रों के नाम पीएम मोदी का संदेश

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों पर काम कर रही है। उनके अनुसार, इस संबंध में प्रस्तावित मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी।

रात 12:32 बजे: सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

देर रात ही पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर अनशन तोड़ा।

वांगचुक ने बयान जारी कर कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत, विभिन्न जनप्रतिनिधियों के आग्रह और आंदोलनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने के आश्वासन के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।

अब आज क्या होगा?

शुक्रवार को भी इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। CJP ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया है और विभिन्न जिलों में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन की अपील की है।

इसी के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। वहीं, केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बैठक में पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों और संबंधित विधायी प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।