Dia Mirza : NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद अभिनेत्री दिया मिर्जा की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। इंस्टाग्राम पर साझा की गई पोस्ट में अभिनेत्री ने छात्रों, उनके परिवारों और आंदोलन से जुड़े लोगों के प्रति संवेदना का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस पोस्ट को प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं।
हालांकि, दिया मिर्जा ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया है।
Dia Mirza ने अपनी पोस्ट में क्या कहा?
दिया मिर्जा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खोया, जिन छात्रों की मौत हुई और जो छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं, उनके प्रति सहानुभूति का कोई स्पष्ट संदेश नहीं दिया गया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रतिक्रिया आने में 47 दिन लग गए और जो कहा गया, वह उनके अनुसार उन लाखों लोगों के दर्द को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं था, जो इस पूरे घटनाक्रम से प्रभावित हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश में क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इससे लाखों छात्रों तथा उनके परिवारों को परेशानी हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने कम समय में बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए काम किया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने का भरोसा भी दिया।
पहले भी छात्रों के समर्थन में आई थीं दिया मिर्जा
यह पहली बार नहीं है जब दिया मिर्जा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी हो। इससे पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया पर छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया था।
उन्होंने लिखा था कि वह शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुधार की मांग का समर्थन करती हैं। साथ ही उन्होंने आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों, जिनमें सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, के प्रति अपना समर्थन जताया था।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
दिया मिर्जा की नई पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स उनकी बात से सहमति जता रहे हैं, जबकि कुछ प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश का समर्थन कर रहे हैं।