बेंगलुरु : हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डीके सुनील ने मंगलवार को कहा कि एचएएल का ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर केवल एक उड़ने वाली मशीन नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती एविएशन इंजीनियरिंग और आत्मनिर्भरता का शानदार उदाहरण है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते एचएएल के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हेलीकॉप्टर के ज्यादातर हिस्से को भारत में डिजाइन किया गया है और इसमें लगे करीब 65 प्रतिशत उपकरण देश में ही बने हैं।

उन्होंने कहा, "ध्रुव-एनजी नागरिक उपयोग के लिए उन्नत विमानों को डिजाइन करने, विकसित करने और प्रमाणित करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।"

उन्होंने आईएएनएस को बताया, "शायद दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जो 100 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल कर सके, क्योंकि हमेशा कुछ उपकरणों को बाहर से मंगाना पड़ता है।"

एचएएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ने आगे कहा कि इस हेलीकॉप्टर का डिजाइन हमारा है और इंजन से लेकर एविऑनिक्स घरेलू स्तर पर डिजाइन किए गए हैं। हमारा लक्ष्य 80 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल करना है।

ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर में इन-हाउस इंजन का इस्तेमाल हुआ है और इसे सिविल सर्टिफिकेट मिल चुका है।

सुनील ने कहा कि इससे यह हेलीकॉप्टर वीआईपी परिवहन, मेडिकल सुविधा, अपतटीय अभियानों और यहां तक ​​कि उच्च ऊंचाई वाले पर्यटन जैसे विभिन्न प्रकार के मिशनों के लिए उपयुक्त हो जाता है।

उन्होंने बताया कि यह हेलीकॉप्टर 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है, जो हिमालय और पूर्वोत्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में इसकी क्षमता को साबित करता है।

सुनील ने बताया, "हमारे लिए घरेलू बाजार बहुत बड़ा है और हम अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया में एक्सपोर्ट पर भी विचार कर रहे हैं।"

भारतीय सेना और वायु सेना के पायलटों ने पहले ही मुश्किल परिस्थितियों में इस हेलीकॉप्टर का टेस्ट कर लिया है और अब यह सिविलियन ऑपरेशन के लिए तैयार है।

आठ ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टरों का पहला बैच बॉम्बे हाई में ऑफशोर सेवाओं के लिए तैनात किए जाने की उम्मीद है, जहां इनका इस्तेमाल लोगों और सामान को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा।

सुनील ने कहा कि सुरक्षा और चलाने में आसानी पर खास ध्यान दिया गया है। ध्रुव-एनजी एक ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर है, जो इसे पहाड़ी इलाकों में उड़ने वाले कई सिंगल-इंजन विमानों से ज्यादा सुरक्षित बनाता है।

उन्होंने कॉकपिट के अंदर किए गए सुधारों के बारे में भी बताया, जिसमें एक आधुनिक ग्लास कॉकपिट और रीडिजाइन किए गए कंट्रोल शामिल हैं जो पायलट का काम का बोझ कम करते हैं और कुल मिलाकर सुरक्षा में सुधार करते हैं।