जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बड़े स्तर पर दिख रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया है कि वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से Jio Platforms IPO के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की कुल मांग आई है। यह आंकड़ा सूत्रों पर आधारित है और कंपनी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
Jio Platforms IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज
कंपनी का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। साइज के लिहाज से यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बताया जा रहा है। करीब 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है।
- प्राइस बैंड: ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर
- लॉट साइज: 12 शेयर
- नए शेयर: 27 करोड़
- एंकर निवेशकों की बोली: 19 अक्टूबर
- अलॉटमेंट: 26 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है
- लिस्टिंग: NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है
ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए करीब ₹13,428 लगेंगे (12 × ₹1,119)। यह गणना हमारी ओर से है।
किन निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
सूत्रों के अनुसार, मांग विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, देश के 10 सबसे बड़े म्यूचुअल फंड हाउस और 5 सबसे बड़ी बीमा कंपनियों से आई है। एलोकेशन में दिलचस्पी जताने वालों में LIC, SBI म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, कैपिटल ग्रुप और ब्लैकरॉक जैसे नाम बताए गए हैं।
सॉवरेन वेल्थ फंड्स में GIC, नॉर्जेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी रुचि दिखाई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले कई वैश्विक निवेशकों और बड़े फैमिली ऑफिसेज ने भी इस इश्यू में मांग जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जियो अब केवल टेलीकॉम ऑपरेटर नहीं, बल्कि व्यापक डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म बन चुकी है। कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में उसकी मौजूदगी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
Jio Platforms IPO के पैसों का इस्तेमाल कहां होगा
कंपनी के मुताबिक, नए शेयर जारी करके जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से टेलीकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने में किया जाएगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेगा।
किस श्रेणी के लिए कितना हिस्सा
IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रहेगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स में किसकी कितनी हिस्सेदारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। अन्य प्रमुख हिस्सेदारों में ये शामिल हैं:
- मेटा: 9.99 प्रतिशत
- गूगल: 7.73 प्रतिशत
- सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स: 2.31 प्रतिशत
- विस्टा इक्विटी पार्टनर्स: 2.31 प्रतिशत
- सिल्वर लेक: 1.88 प्रतिशत
- मुबादला: 1.85 प्रतिशत
- जीए सिंगापुर: 1.34 प्रतिशत
- अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी: 1.16 प्रतिशत
- टीपीजी कैपिटल: 0.93 प्रतिशत
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।