नई दिल्ली :पौष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि गुरुवार दोपहर 1:42 तक रहेगी। इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें सूर्य धनु राशि और चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग बेहद शुभ माना जाता है।
रवि योग का महत्व:
रवि योग तब बनता है जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र के चौथे, छठे, नौवें, दसवें या तेरहवें स्थान पर होता है। इस दिन निवेश, यात्रा, शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े नए काम करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसे सूर्य देव का विशेष योग भी कहा जाता है।
पंचमी तिथि पर शुभ उपाय:
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सूर्य देव को जल अर्पण (‘ॐ सूर्याय नमः’) दें।
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लाल वस्त्र, गुड़ या गेहूं का दान करें।
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मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें।
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शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से 16 गुरुवार तक व्रत करें।
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व्रतधारी पीले वस्त्र पहनें और पीले फल-फूल का दान करें, लेकिन पीली चीज़ें स्वयं न खाएं।
गुरुवार व्रत का लाभ:
गुरुवार के दिन पूजा और व्रत करने से धन, विद्या और वैवाहिक सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। यदि व्रत या पूजा न कर सकें, तो केवल बृहस्पति देव की कथा सुनना भी घर-परिवार में सुख-समृद्धि लाता है।
शुभ समय:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:42 तक
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राहुकाल: 1:39 से 2:56 तक
इस पंचमी तिथि पर बृहस्पति देव और रवि योग का मेल जीवन में सफलता, समृद्धि और ऊर्जा लाने के लिए उत्तम समय माना जाता है। सही उपाय और पूजा विधि अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।