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<title>News TV India &#45; Shivranjani Purohit</title>
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<description>News TV India &#45; Shivranjani Purohit</description>
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<dc:rights>© 2026 News Tv India . All rights reserved.</dc:rights>

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<title>Weather Alert: बारिश से बदला मौसम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; पहाड़ों पर घटी विजिबिलिटी</title>
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<description><![CDATA[ Weather Alert: देश के कई हिस्सों में बारिश से तापमान गिरा है। भारी बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में कम विजिबिलिटी ने परेशानी बढ़ाई है। जानें मौसम का ताजा हाल। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 07:33:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>Shivranjani Purohit</dc:creator>
<media:keywords>Weather Alert, Heavy Rain Alert, IMD Weather Update, Rain Alert, Monsoon News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली है। वहीं भारी बारिश और धुंध के कारण कुछ इलाकों में विजिबिलिटी घटने से यातायात प्रभावित होने की खबरें हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मौसम की यह तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है। कई राज्यों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है, जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण तापमान और बारिश में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।</span></p>
<h2><span>Weather Alert: बारिश के बाद तापमान में गिरावट</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बादल और बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हिमाचल प्रदेश के मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक कई स्टेशनों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहा। राज्य में बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और सड़कों पर फिसलन का खतरा भी बना हुआ है।</span></p>
<h2><span>Heavy Rain Alert के बीच कम विजिबिलिटी बनी परेशानी</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बारिश के साथ पहाड़ी और घाटी वाले इलाकों में धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। शिमला और ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में मौसम बदलने के बाद दृश्यता प्रभावित होने की स्थिति देखी गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ के जशपुर की सन्ना घाटी में भी घने कोहरे जैसी स्थिति के कारण कम विजिबिलिटी की खबर है। ऐसे मौसम में वाहन चालकों के लिए घाटी और पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कम दृश्यता के दौरान तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।</span></p>
<h2><span>IMD Weather Update: कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार, सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित हो सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मिट्टी खिसकने का खतरा अधिक रहता है। हिमाचल के ताजा मौसम बुलेटिन में भी बारिश के दौरान कमजोर ढांचों को नुकसान, सड़कों पर फिसलन और कम विजिबिलिटी की आशंका जताई गई है।</span></p>
<h2><span>Rain Alert के बीच यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बारिश के मौसम में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखकर ही सफर की योजना बनानी चाहिए। नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के करीब जाने से बचना जरूरी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वाहन चालकों को कम विजिबिलिटी के दौरान गति नियंत्रित रखने और स्थानीय ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर पहाड़ी रास्तों पर बारिश के बाद अचानक मलबा आने या सड़क बाधित होने का खतरा रहता है।</span></p>
<h2><span>देश में अलग-अलग दिख रहा मौसम का मिजाज</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मानसून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की अलग तस्वीर दिखाई दे रही है। कहीं तेज बारिश और धुंध से तापमान गिरा है तो कहीं अपेक्षाकृत गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति स्थानीय मानसूनी सिस्टम पर निर्भर करेगी। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के आधिकारिक मौसम अपडेट और प्रशासनिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Ram Mandir CEO : श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को मिलेगा पहला CEO, 18 जुलाई तक आवेदन; जानिए योग्यता और चयन प्रक्रिया</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/uttarpradesh/ram-mandir-ceo-selection-application-eligibility-ayodhya</link>
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<description><![CDATA[ Ram Mandir CEO चयन प्रक्रिया तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन मांगे जाएंगे। जानिए योग्यता, अनुभव और नियुक्ति प्रक्रिया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 07:15:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>Shivranjani Purohit</dc:creator>
<media:keywords>Ram Mandir CEO, Ayodhya Ram Mandir CEO, Shri Ram Janmabhoomi, CEO Recruitment, Ram Temple News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी </span><strong><span>Ram Mandir CEO</span></strong><span> की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय चयन समिति ने नई दिल्ली में अहम बैठक कर योग्यता और चयन प्रक्रिया से जुड़े मानकों पर चर्चा की है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>CEO पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन ई-मेल के जरिए लिए जाने की तैयारी है और इसके लिए अलग ई-मेल आईडी जारी की जाएगी। चयन प्रक्रिया करीब एक महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।</span></p>
<h2><span>Ram Mandir CEO पद के लिए 18 जुलाई तक आवेदन</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के CEO पद के लिए इच्छुक योग्य उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। चयन समिति आवेदनों की जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करेगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद चयनित उम्मीदवारों से समिति संवाद करेगी और अंतिम चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक नियुक्त होने वाले CEO का शुरुआती कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और उन्हें अयोध्या में रहकर जिम्मेदारी संभालनी होगी।</span></p>
<h2><span>Ram Mandir CEO के लिए क्या होगी योग्यता?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>CEO पद के उम्मीदवार का स्नातक होना अनिवार्य होगा। इसके साथ प्रशासन या वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में करीब 20 वर्ष का अनुभव जरूरी रखा गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मंदिर या बड़े धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है। चयन में पेशेवर प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और संस्थागत संचालन के अनुभव को अहम माना जाएगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>CEO पद के लिए हिंदू धर्म का अनुयायी होना भी आवश्यक बताया गया है। चयन समिति के सदस्य सुरेश हावरे ने इससे पहले कहा था कि मंदिर ट्रस्ट के CEO के लिए भगवान राम के प्रति आस्था महत्वपूर्ण मानदंडों में होगी।</span></p>
<h2><span>अयोध्या में रहकर संभालनी होगी मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>नए CEO को अयोध्या में रहकर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालनी होगी। मंदिर से जुड़े दैनिक प्रशासन, वित्तीय व्यवस्था और संस्थागत समन्वय में CEO की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की संभावना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रस्ट अब मंदिर प्रबंधन में पेशेवर निगरानी और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</span></p>
<h2><span>तीन सदस्यीय समिति करेगी Ram Mandir CEO का चयन</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>CEO की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई है। इसमें पूर्व वैज्ञानिक और मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले सुरेश हावरे, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी प्रमोद कोहली और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल बताए गए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>समिति योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। लक्ष्य है कि करीब 30 दिनों के भीतर नए CEO के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।</span></p>
<h2><span>चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद क्यों लिया गया CEO नियुक्ति का फैसला?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण के बाद मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और ट्रस्ट की बैठकों के बीच पेशेवर CEO की नियुक्ति का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की ओर से भी पेशेवर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया गया। इसी क्रम में CEO पद के लिए समिति गठित कर चयन प्रक्रिया शुरू की गई है।</span></p>
<h2><span>Ram Mandir CEO की नियुक्ति से क्या बदलेगा?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>पहले CEO की नियुक्ति को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे वित्तीय निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं को अधिक पेशेवर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>फिलहाल सभी की नजर 18 जुलाई तक आने वाले आवेदनों और चयन समिति के अगले फैसले पर है। प्रक्रिया तय समय में पूरी हुई तो अगले कुछ सप्ताह में यह साफ हो सकता है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO की जिम्मेदारी किसे मिलेगी।</span></p>]]> </content:encoded>
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