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<title>News TV India &#45; Nitesh Kumar Jha</title>
<link>https://www.newstvindia.in/rss/author/nitesh-kumar-jha</link>
<description>News TV India &#45; Nitesh Kumar Jha</description>
<dc:language>hi</dc:language>
<dc:rights>© 2026 News Tv India . All rights reserved.</dc:rights>

<item>
<title>Nepal Flood: लापता भारतीयों की पहचान के लिए चीन ने मांगे DNA सैंपल, परिवारों को Embassy ने बताया पूरा तरीका</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/nepl-flood-lapat-bharateeyon-kee-pahachan-ke-lie-cheen-ne-mnge-dna-sainpal-parivaron-ko-embssy-ne-batay-poor-tareek</link>
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<description><![CDATA[ Nepal Flood: चीन में भारतीय दूतावास ने नेपाल-तिब्बत बाढ़ के बाद लापता भारतीयों के परिवारों से DNA सैंपल और जानकारी देने की अपील की है। जानें पूरी प्रक्रिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 07:12:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Nepal Flood, Missing Indians, DNA Sample, Indian Embassy China, Tibet Flood, Nepal Flood 2026, CODIS Format, DNA Identification</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Nepal Flood:</span></strong><span> नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए अब DNA मिलान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चीन में भारतीय दूतावास ने उन भारतीय नागरिकों के परिवारों से DNA सैंपल की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, जो 26 अगस्त की बाढ़ और भूस्खलन के बाद से लापता हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारतीय मिशन ने यह अपील चीनी अधिकारियों की ओर से DNA सैंपल स्वीकार करने की पुष्टि के बाद की है। दूतावास के मुताबिक DNA डेटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त </span><strong><span>CODIS फॉर्मेट</span></strong><span> में उपलब्ध कराया जाना है। इसके बाद भारतीय दूतावास यह जानकारी संबंधित चीनी अधिकारियों तक पहुंचाएगा, जहां इसका मिलान किया जाएगा।</span></p>
<h2><span>माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चों के DNA सैंपल की सलाह</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारतीय दूतावास ने बताया है कि लापता व्यक्ति के माता-पिता के ब्लड सैंपल लिए जा सकते हैं। इसके अलावा पति या पत्नी और बच्चों के सैंपल भी उपयोगी होंगे। जहां संभव हो, एक से अधिक बच्चों के सैंपल उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अगर लापता व्यक्ति के माता-पिता या बच्चे जीवित नहीं हैं, तो भाई-बहनों के सैंपल लिए जा सकते हैं। दूतावास ने सभी भाई-बहनों के सैंपल उपलब्ध कराने को बेहतर विकल्प बताया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>जरूरत पड़ने पर मातृ या पैतृक पक्ष के अन्य रिश्तेदारों, जैसे चचेरे भाई-बहनों के सैंपल भी लिए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में रिश्ते की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।</span></p>
<h2><span>DNA डेटा किस फॉर्मेट में देना होगा?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूतावास के अनुसार इन सैंपल के लिए </span><strong><span>DNA STR डेटा</span></strong><span> जरूरी है। पुरुषों के मामले में </span><strong><span>Y-STR डेटा</span></strong><span> भी शामिल किया जाना है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सभी DNA डेटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त </span><strong><span>CODIS फॉर्मेट</span></strong><span> में स्टोर करने को कहा गया है। सैंपल की पहचान भी स्पष्ट तरीके से दर्ज करनी होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सैंपल पर लापता व्यक्ति की राष्ट्रीयता, नाम और पासपोर्ट नंबर के साथ परिवार के सदस्य का नाम, पासपोर्ट नंबर और सैंपल ID नंबर दर्ज होना चाहिए।</span></p>
<h2><span>DNA मैच होने पर परिवार को कैसे मिलेगी जानकारी?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>भारतीय दूतावास के मुताबिक, अगर किसी DNA सैंपल का मिलान लापता व्यक्ति से हो जाता है तो चीनी अधिकारी इसकी जानकारी भारतीय दूतावास को देंगे। इसके बाद दूतावास संबंधित परिवार को सूचना देगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>DNA सैंपल या प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन के लिए परिवार </span><strong><span>+86 18514284905</span></strong><span> पर भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। ईमेल के लिए </span><a href="mailto:cons1.beijing@mea.gov.in"><strong><span>cons1.beijing@mea.gov.in</span></strong></a><span> दिया गया है।</span></p>
<h2><span>चीन में 43 लोगों की मौत, 519 अब भी लापता</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>चीनी अधिकारियों के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ और मलबे के सैलाब के बाद चीन की ओर </span><strong><span>43 लोगों की मौत</span></strong><span> हुई है, जबकि </span><strong><span>519 लोग अब भी लापता</span></strong><span> हैं। लापता लोगों में 261 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें </span><strong><span>49 भारतीय</span></strong><span> शामिल हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बर्फ और चट्टानों की बड़ी घटना के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद भोटेकोशी नदी में पानी और मलबे का तेज बहाव आया, जिसने सीमा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में चीन-नेपाल सीमा पर स्थित इमिग्रेशन परिसर भी आया। रिपोर्टों के मुताबिक कई विदेशी नागरिक इस इलाके में मौजूद थे। अब राहत और तलाश अभियान के साथ लापता लोगों की पहचान के लिए DNA प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है।</span></p>
<h2><span>परिवारों के लिए DNA प्रक्रिया क्यों अहम है?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बाढ़ और मलबे के कारण कई लोगों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में DNA मिलान के जरिए बरामद शवों या मानव अवशेषों की पहचान उनके परिवारों से वैज्ञानिक तरीके से करने में मदद मिल सकती है।</span></p>
<p><span>लापता भारतीयों के परिवारों के लिए यह प्रक्रिया लंबे समय से जारी अनिश्चितता के बीच पहचान स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। भारतीय दूतावास ने परिवारों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DNA जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM Modi : 2013 से 2026 तक कितना बदला भारत? SRCC में पीएम मोदी ने गिनाईं आर्थिक और विकास की उपलब्धियां</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/pm-modi-how-much-has-india-changed-from-2013-to-2026-pm-modi-highlights-economic-and-developmental-achievements-at-srcc</link>
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<description><![CDATA[ SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने 2013 और 2026 के भारत की तुलना की। उन्होंने GDP ग्रोथ, बिजली उत्पादन, वाहन बिक्री और आर्थिक बदलाव का जिक्र किया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 06 Sep 2026 08:28:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi SRCC Speech, PM Modi SRCC, SRCC Centenary, India GDP Growth, Indian Economy, Policy Paralysis, Fragile Five, Narendra Modi, India Economy 2026</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>PM Modi SRCC Speech:</span></strong><span> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स यानी SRCC के शताब्दी समारोह में भारत की आर्थिक यात्रा और विकास की दिशा पर बात की। अपने संबोधन में उन्होंने 2013 के आर्थिक हालात की तुलना मौजूदा स्थिति से करते हुए कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक क्षमता के कारण अलग पहचान बना रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने हाल की तिमाही में भारत की </span><strong><span>7.8 फीसदी GDP ग्रोथ</span></strong><span> का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाई दे रही है।</span></p>
<h2><span>2013 के दौर से आज के भारत की तुलना</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएम मोदी ने अपने भाषण में 2013 के उस दौर का जिक्र किया, जब भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आ रही थीं। उन्होंने कहा कि उस समय महंगाई करीब 10 फीसदी थी और GDP की स्थिति कमजोर थी। करंट अकाउंट डेफिसिट को लेकर भी दबाव था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने उस समय सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों और विभिन्न विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में निराशा का माहौल बना हुआ था। उन्होंने कहा कि उस समय भारत को दुनिया की </span><strong><span>‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं</span></strong><span> में गिना जाता था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके विपरीत, प्रधानमंत्री ने मौजूदा भारत को नीतिगत गतिशीलता और आर्थिक क्षमता के लिहाज से बेहतर स्थिति वाला देश बताया।</span></p>
<h2><span>‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से ‘पॉलिसी डायनेमिज्म’ तक</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय दुनिया भारत में ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ यानी नीतिगत गतिरोध की चर्चा करती थी। अब भारत के संदर्भ में ‘पॉलिसी डायनेमिज्म’ की बात हो रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने SRCC में वर्ष 2013 के अपने पुराने संबोधन को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि उस समय भी उन्होंने भारत को केवल समस्याओं के नजरिए से नहीं देखा था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने गिलास के उदाहरण के जरिए कहा कि एक ही स्थिति को इस नजरिए से भी देखा जा सकता है कि गिलास आधा खाली है और इस नजरिए से भी कि वह आधा भरा हुआ है। उनके मुताबिक भारत में अवसर हमेशा मौजूद रहे हैं।</span></p>
<h2><span>7.8 फीसदी GDP ग्रोथ का जिक्र</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने हाल की तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर </span><strong><span>7.8 फीसदी</span></strong><span> रहने का उल्लेख किया। उन्होंने इसे वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता का संकेत बताया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया अब भारत को तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में देख रही है। उन्होंने आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत के तौर पर बिजली उत्पादन और वाहन बिक्री के आंकड़ों का भी जिक्र किया।</span></p>
<h2><span>बिजली उत्पादन और वाहन बिक्री में बढ़ोतरी का दावा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएम मोदी के मुताबिक हाल की अवधि में भारत में बिजली उत्पादन में करीब </span><strong><span>9 फीसदी की वृद्धि</span></strong><span> हुई है। उन्होंने इसे देश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर देखा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने वाहन बाजार का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार कुल वाहनों की बिक्री में करीब </span><strong><span>20 फीसदी की बढ़ोतरी</span></strong><span> हुई है। दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी करीब 20 फीसदी और तीनपहिया वाहनों की बिक्री में लगभग 30 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।</span></p>
<h2><span>नक्सलवाद को लेकर भी बोले प्रधानमंत्री</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रधानमंत्री ने इसे सुरक्षा और शासन के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया। यह बयान उन्होंने भारत में पिछले वर्षों में सुरक्षा और विकास से जुड़े बदलावों के संदर्भ में दिया।</span></p>
<h2><span>SRCC की 100 साल की यात्रा का जिक्र</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>SRCC के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने संस्थान की लंबी यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज ने देश को पेशेवरों, नेताओं, कलाकारों, वकीलों और उद्यमियों की कई पीढ़ियां दी हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पीएम मोदी ने SRCC के पूर्व छात्रों में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और अर्थशास्त्री संजीव सान्याल का भी उल्लेख किया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि किसी संस्थान की पहचान सिर्फ उसकी इमारतों या पाठ्यक्रम से नहीं होती, बल्कि वहां से निकलने वाले लोग देश और समाज में किस तरह योगदान देते हैं, इससे भी उसकी भूमिका तय होती है।</span></p>
<h2><span>2013 और 2026 के भारत को लेकर PM मोदी का संदेश</span></h2>
<p><span>SRCC में प्रधानमंत्री का पूरा संबोधन मुख्य रूप से भारत की आर्थिक क्षमता, नीतिगत बदलाव और विकास की संभावनाओं के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने 2013 के आर्थिक दबावों का उल्लेख करते हुए मौजूदा भारत को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Chhattisgarh News: ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में छत्तीसगढ़ नंबर&#45;1, पांच जिले टॉप&#45;10 में</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/chhattisgarh/chhattisgarh-news-chhattisgarh-no1-in-jal-sanchay-jan-bhagidari-campaign-five-districts-in-top-10</link>
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<description><![CDATA[ Chhattisgarh ने Jal Sanchay Jan Bhagidari अभियान के तीसरे चरण JSJB 3.0 में देश में पहला स्थान हासिल किया है। पांच जिले भी टॉप-10 में शामिल हुए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 08:04:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Chhattisgarh News, Jal Sanchay Jan Bhagidari, JSJB 3.0, Vishnu Deo Sai, Catch the Rain, Rain Water Harvesting, Water Conservation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Chhattisgarh News:</span></strong><span> जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के </span><strong><span>‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण यानी JSJB 3.0</span></strong><span> में राज्य ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के पांच जिले भी देश के शीर्ष दस जिलों में शामिल हुए हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, इस उपलब्धि के पीछे गांव, पंचायत, किसान और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर आधारित मॉडल की अहम भूमिका रही है।</span></p>
<h2><span>प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ ने रखा अपना मॉडल</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कामों और जनभागीदारी आधारित मॉडल की जानकारी साझा की।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>‘कैच द रेन’ सत्र में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और पेयजल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राज्य में चल रहे प्रयासों के बारे में बताया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को सिर्फ सरकारी योजनाओं या जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रखा गया है। किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय समुदायों को अभियान से जोड़कर इसे जनभागीदारी का रूप दिया गया है।</span></p>
<h2><span>गांव और किसानों को केंद्र में रखकर जल संरक्षण</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए पानी सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। इसलिए राज्य की जल संरक्षण योजनाओं में गांवों और किसानों को केंद्र में रखा गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>स्थानीय लोगों की भागीदारी से बारिश के पानी को गांव और खेतों के आसपास रोकने तथा उसे जमीन के भीतर पहुंचाकर भू-जल स्तर बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।</span></p>
<h2><span>कोरिया का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ बना उदाहरण</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सम्मेलन में कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत मॉडल’ को भी प्रमुखता से सामने रखा गया। इस मॉडल में किसान अपनी कृषि भूमि का करीब पांच प्रतिशत हिस्सा वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध करा रहे हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन स्थानों पर ऐसी जल संरचनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनसे बारिश का पानी खेत से बहकर बाहर जाने के बजाय वहीं रोका जा सके। इसके बाद पानी धीरे-धीरे जमीन में पहुंचता है और भू-जल पुनर्भरण में मदद करता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस मॉडल में किसान सिर्फ सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि सीधे तौर पर इसके भागीदार हैं। पंचायतों, स्थानीय समुदायों और सरकारी विभागों के सहयोग से जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं। इनकी जियो-टैगिंग और नियमित निगरानी भी की जा रही है।</span></p>
<h2><span>JSJB के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने बदली रैंकिंग</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के पिछले चरणों में भी छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहले और दूसरे चरण में राज्य देश में दूसरे स्थान पर रहा था। अब JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ ने पहली रैंक हासिल की है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पहले चरण में राज्य में 4 लाख 5 हजार 561 जल संरचनाएं बनाई गई थीं। दूसरे चरण में 24 लाख 7 हजार 456 जल संरचनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 23 लाख 7 हजार 768 संरचनाओं का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ में 79 हजार 775 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 77 हजार 719 संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है।</span></p>
<h2><span>छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 में</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य की रैंकिंग के साथ उसके जिलों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। </span><strong><span>सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम</span></strong><span> देश के शीर्ष दस जिलों में शामिल हुए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन जिलों में गांव और पंचायत स्तर पर स्थानीय समुदायों को जोड़कर वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण पर काम किया गया है। स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और पानी की जरूरत के आधार पर अलग-अलग तरह की जल संरचनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया है।</span></p>
<h2><span>पानी की कमी वाले ब्लॉक 26 से घटकर 19</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य सरकार के अनुसार, जल संरक्षण के प्रयासों के बीच भू-जल की स्थिति में सुधार के संकेत भी मिले हैं। पानी की कमी वाले ब्लॉकों की संख्या 26 से घटकर 19 रह गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पांच क्रिटिकल ब्लॉकों के सामान्य श्रेणी में आने का अनुमान है। भू-जल स्तर में सुधार के लिए नई संरचनाओं के निर्माण के साथ पुराने जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जल संरचनाओं की मैपिंग और नियमित निगरानी पर भी काम किया जा रहा है।</span></p>
<h2><span>‘जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ पर फोकस</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन—जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ संदेश के अनुरूप स्थानीय जरूरतों के आधार पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य की अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य बारिश के अधिकतम पानी को गांव और खेत की सीमा के भीतर रोकना है, ताकि इससे भू-जल स्तर के साथ सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता में भी सुधार हो सके।</span></p>
<h2><span>मुख्यमंत्री ने दिए जल संरक्षण को लेकर सुझाव</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देशभर में जल संरक्षण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपनी भौगोलिक स्थिति, वर्षा के पैटर्न, भू-जल की स्थिति और स्थानीय जरूरतों के आधार पर अलग ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करना चाहिए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ शुरू करने का सुझाव भी दिया। इसके अलावा BISAG-N के माध्यम से जल संरचनाओं की मैपिंग मजबूत करने और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हर तीन महीने में अभियान की समीक्षा करने की बात कही।</span></p>
<h2><span>किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है फायदा</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बारिश के पानी को खेतों और गांवों में रोकने से भू-जल पुनर्भरण बढ़ने की उम्मीद है। इससे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है और किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बेहतर जल उपलब्धता का असर खेती के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के दूसरे साधनों पर भी पड़ सकता है। वहीं, गांवों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण से पानी से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।</span></p>
<h2><span>देश में दो करोड़ नई जल संरचनाओं का लक्ष्य</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>देशभर में </span><strong><span>31 मई 2027 तक दो करोड़ नई जल संरचनाएं</span></strong><span> बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस व्यापक लक्ष्य के बीच छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी आधारित मॉडल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि जल संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानकर किसानों, पंचायतों और स्थानीय समुदायों को भी अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया जाए। छत्तीसगढ़ सरकार अपने जल संरक्षण के प्रयोगों और मॉडल को दूसरे राज्यों के साथ साझा करने की तैयारी भी कर रही है।</span></p>
<p><span>सम्मेलन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Aaj Ka Rashifal : मंगल की चाल और चंद्रमा के गोचर से इन राशियों को लाभ, जानें मेष से मीन तक का हाल</title>
<link>https://www.newstvindia.in/spiritual/aaj-ka-rashifal-these-zodiac-signs-benefit-from-the-motion-of-mars-and-the-movement-of-the-moon-know-the-situation-from-aries-to-pisces</link>
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<description><![CDATA[ Aaj Ka Rashifal : चंद्रमा के मेष राशि में गोचर और मंगल की चाल का 12 राशियों पर असर. जानें मेष से मीन तक आज का राशिफल. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 07:22:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Aaj Ka Rashifal, Aaj Ka Rashifal 2 September 2026, Today Rashifal, Horoscope Today, Rashifal in Hindi, 2 September 2026 Rashifal, Daily Horoscope</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Aaj Ka Rashifal :</span></strong><span> बुधवार, 2 सितंबर 2026 को चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहा है. वहीं मंगल की चाल में बदलाव का असर भी राशियों के जीवन में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है. किसी के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है, तो कुछ लोगों को रिश्तों और व्यवहार को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी.</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>ग्रहों की स्थिति के अनुसार मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों के लिए काम और निजी जीवन में कुछ सकारात्मक मौके बन सकते हैं. वहीं कुंभ और मीन राशि वालों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े मामलों में दिन बेहतर रह सकता है. आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहने वाला है.</span></p>
<h2><span>मेष राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मेष राशि वालों के लिए आज का दिन नए विचारों और योजनाओं के लिहाज से अच्छा रह सकता है. कारोबार में कोई नया आइडिया आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है. किसी करीबी दोस्त की सलाह भी आपके काम आ सकती है. परिवार में सकारात्मक माहौल बना रहेगा.</span></p>
<h2><span>वृषभ राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>वृषभ राशि के जातकों को काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है. आर्थिक मामलों में अचानक लाभ मिलने की संभावना बन सकती है. हालांकि गुस्से में लिया गया फैसला या तीखी बात रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है. इसलिए बातचीत में संयम रखना बेहतर होगा.</span></p>
<h2><span>मिथुन राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मिथुन राशि वालों को आज मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना होगा. जल्दबाजी के बजाय शांत दिमाग से फैसले लेने की कोशिश करें. दोस्तों के साथ समय बिताने या किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने से आपका मूड बेहतर हो सकता है.</span></p>
<h2><span>कर्क राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>कर्क राशि वालों को परिवार का पूरा सहयोग मिल सकता है. हालांकि निजी मामलों की जानकारी हर किसी के साथ साझा करने से बचें. किसी दूसरे व्यक्ति की बात को लेकर अनावश्यक तनाव लेने से आपका दिन प्रभावित हो सकता है.</span></p>
<h2><span>सिंह राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सिंह राशि वालों के लिए वैवाहिक जीवन में सकारात्मकता बनी रह सकती है. काम करने का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा. समय को बेहतर तरीके से मैनेज करने में सफलता मिल सकती है. हालांकि कारोबार के विस्तार से जुड़ा दबाव कुछ परेशानी दे सकता है.</span></p>
<h2><span>कन्या राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>कन्या राशि वालों को बेवजह की चिंता से बचने की सलाह दी जाती है. आर्थिक मामलों में अचानक लाभ की संभावना बताई गई है. पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है, हालांकि किसी भी वित्तीय फैसले में सावधानी रखना जरूरी है.</span></p>
<h2><span>तुला राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>तुला राशि वालों के लिए दिन परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा बीत सकता है. कहीं घूमने जाने या साथ में समय बिताने की योजना बन सकती है. आपका व्यवहार लोगों को प्रभावित करेगा और सामाजिक संबंधों में सकारात्मकता देखने को मिल सकती है.</span></p>
<h2><span>वृश्चिक राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>वृश्चिक राशि के जातकों के लिए संपत्ति से जुड़े मामलों में दिन अनुकूल रह सकता है. निवेश को लेकर सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं. किसी बड़े फैसले में माता-पिता या परिवार का सहयोग और आशीर्वाद मिल सकता है.</span></p>
<h2><span>धनु राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धनु राशि वालों का रुझान धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर बढ़ सकता है. दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं. परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिल सकता है.</span></p>
<h2><span>मकर राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मकर राशि वालों को कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. आप अपने लंबित काम पूरे करने पर ध्यान देंगे. कारोबारियों के लिए दिन व्यस्त रह सकता है. किसी भी विवाद या अनावश्यक बहस से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा.</span></p>
<h2><span>कुंभ राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>कुंभ राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन में बढ़ोतरी से जुड़ी अच्छी खबर मिलने की संभावना है. आर्थिक परेशानियों और पुरानी उलझनों से राहत मिल सकती है.</span></p>
<h2><span>मीन राशि</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मीन राशि वालों के लिए आर्थिक पक्ष मजबूत रह सकता है. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारी आपके प्रदर्शन से प्रभावित हो सकते हैं. दोस्तों के साथ किसी आयोजन या पार्टी में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है.</span></p>
<p><span>2 सितंबर 2026 को ग्रहों की स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग दिखाई दे सकता है. कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े अवसर बन रहे हैं, जबकि कुछ को रिश्तों और व्यवहार में संयम रखने की जरूरत है. राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय संकेत के तौर पर लें और महत्वपूर्ण वित्तीय या व्यक्तिगत फैसले अपनी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही करें.</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पंजाब पुलिस में 1,746 युवाओं की भर्ती, CM भगवंत मान ने सौंपे नियुक्ति पत्र; जानिए आगे कितनी भर्तियां</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/punjab/recruitment-of-1746-youth-in-punjab-police-cm-bhagwant-mann-submits-appointment-letters-know-how-many-recruitments-ahead</link>
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<description><![CDATA[ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जो कि राज्य सरकार की योग्यता के आधार पर रोजगार देने और पुलिस बल को मजबूत करने की मुहिम में एक और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार सालों में पुलिस बल में 13,092 जवान शामिल किए गए हैं ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Aug 2026 07:53:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Punjab news, Punjab News in Hindi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Punjab News:</strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब पुलिस में भर्ती हुए 1,746 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, जो कि राज्य सरकार की योग्यता के आधार पर रोजगार देने और पुलिस बल को मजबूत करने की मुहिम में एक और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार सालों में पुलिस बल में 13,092 जवान शामिल किए गए हैं, जबकि 3,298 और कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही ‘बिना रिश्वत, बिना सिफारिश’ के आधार पर अब तक 70,840 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।</p>
<h3><strong>सड़क सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ बल को मजबूत करने के सरकार के इरादे स्पष्ट करता है</strong></h3>
<p>पुलिस बल के विस्तार के साथ-साथ पंजाब सरकार ने इंस्पेक्टरों, एस.आई. और ए.एस.आई. के 1,600 नए जिला-कैडर के पदों को विभागीय तरक्की के माध्यम से भरने की मंजूरी भी दी है। यह कदम पंजाब की कड़ी मेहनत से हासिल शांति-व्यवस्था बनाए रखने और अशांति, आतंकवाद के खतरे और सड़क सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ बल को मजबूत करने के सरकार के इरादे स्पष्ट करता है।</p>
<p>इस अवसर की झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड पर पंजाब पुलिस में शामिल होने वाले 1,746 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये युवा ‘बिना रिश्वत, बिना सिफारिश’, निर्मल योग्यता के आधार पर भर्ती हुए हैं… पिछले लगभग ढाई सालों में हमारी सरकार 70,840 से अधिक नौकरियां दे चुकी है, जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि ये नए भर्ती हुए बहादुर जवान पूरी ईमानदारी और लगन से पंजाब और देश की रक्षा करेंगे… सभी युवाओं और उनके परिवारों को इस नई शुरुआत के लिए बहुत-बहुत बधाई। पंजाब पुलिस परिवार में स्वागत है। इंकलाब जिंदाबाद।”</p>
<p>पी.ए.पी. ग्राउंड पर 1,746 नए भर्ती हुए कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नए रंगरूटों को पंजाब पुलिस के परिवार का अभिन्न अंग बनने पर बधाई दी और उन्हें समर्पण, व्यावसायिकता और मिशनरी भावना से लोगों की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब को अपने कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देने पर गर्व है, जो राज्य प्रशासन की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, “यदि केंद्र सरकार या कोई अन्य राज्य सरकार अपने किसी भी कर्मचारी को 36,000 रुपये वेतन देती है तो पंजाब सरकार अपने कर्मचारी को 50,000 रुपये वेतन देती है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देती है, जो राज्य सरकार की रीढ़ हैं।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भर्ती हुए युवा ऐसे समय में सरकार के परिवार में शामिल हो रहे हैं जब राज्य सरकार पूरे पंजाब में रोजगार के अवसर पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक 70,840 युवाओं को निरोल योग्यता के आधार पर नौकरियां दी हैं, जिसमें पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, भ्रष्टाचार और सिफारिश से मुक्त है। उन्होंने कहा, “कई युवाओं ने अपनी काबिलियत के दम पर विभिन्न विभागों में कई बार सफलतापूर्वक सरकारी नौकरियां हासिल की हैं, जो हमारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को दर्शाता है। हमारी सरकार पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में सफल रही है।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ताजा भर्ती से पंजाब पुलिस और मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार सालों के दौरान फोर्स के विभिन्न रैंकों में 13,092 युवाओं की भर्ती की जा चुकी है, जबकि 3,298 और कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, “अब से आप सरकारी परिवार का अभिन्न अंग बन गए हैं। हम मिलकर रंगीले और खुशहाल पंजाब की शान को बहाल करने के अपने साझा मिशन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यह न तो ऐसी पहली उपलब्धि है और न ही आखिरी होगी।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने जिक्र किया कि साधारण परिवारों के बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि समर्पण, दृढ़ता और योग्य मार्गदर्शन से वे सबसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को भी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “आपने दिखा दिया है कि साधारण परिवारों के बच्चे लगन, समर्पण और दृढ़ता से हर लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि आप आने वाले वर्षों में नए कीर्तिमान स्थापित करते रहेंगे और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की अलग जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि पंजाब पुलिस सिर्फ एक राज्य की पुलिस नहीं है, बल्कि यह देश की पुलिस है, जो दुश्मन पड़ोसी से लगती 532 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करती है।” उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने और पंजाब में शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी को हमेशा समर्पण भावना से निभाया है।</p>
<h3><strong>पंजाब को नशों की लानत के कलंक के संकट और पीड़ा से गुजरना पड़ा</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने नशों के रूप में दुःख झेला है, लेकिन राज्य सरकार ने इस विपत्ति से निर्णायक रूप से निपटने के लिए ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ शुरू किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशों की लानत के कलंक के संकट और पीड़ा से गुजरना पड़ा, लेकिन अब हम नशा आतंकवाद (ड्रग टेरोरिज्म) के खिलाफ लड़ रहे हैं। पिछले लगभग 500 दिनों में 70,000 से अधिक नशा तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। मानवता के खिलाफ इस अपराध में शामिल नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं और गिराई जा रही हैं।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पुलिस ने लोगों के सक्रिय सहयोग से नशों का कमर तोड़ दिया है और पंजाब को इस कोढ़ से मुक्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>नए भर्ती हुए पुलिस कर्मचारियों को नशों के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब नशों के खिलाफ देश की लड़ाई लड़ रहा है और पंजाब पुलिस ने हमेशा नशों की आपूर्ति को रोकने के लिए ढाल के रूप में काम किया है। अब वह समय आ गया है, जब आपको पंजाब पुलिस की शानदार परंपरा को बनाए रखना चाहिए और राज्य से नशों की विपत्ति को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब को कड़ी मेहनत से हासिल की गई शांति को भंग करने के दुश्मन ताकतों की साजिशों का लगातार सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “राज्य के कई दुश्मन तत्व पंजाब की शांति को भंग करने के लिए नापाक साजिशें घड़ते रहे हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने हमेशा ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है।” उन्होंने आगे कहा कि पुलिस फोर्स को जांच, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आधुनिक जरूरतों के अनुसार लगातार खुद को अपग्रेड करना चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा जताई कि पंजाब पुलिस पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करने की अपनी शानदार विरासत को बरकरार रखेगी और नए भर्ती हुए जवान अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों पर चलेंगे।</p>
<p>नए भर्ती हुए पुलिस कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस में शामिल होना एक महत्वपूर्ण अवसर है और उन्होंने उन्हें अपनी ड्यूटी पूरी लगन, मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “आपको आम जनता के दुख-दर्द कम करने और उन्हें न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आपका सबसे पहला कर्तव्य लोगों की भलाई होनी चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवा का लाभ मिल सके।”</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों का मुकाबला करने के लिए पुलिस फोर्स को वैज्ञानिक आधार पर अपग्रेड करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि साल 2022 से अब तक पुलिस फोर्स को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि जवानों को अपनी ड्यूटी सुचारू ढंग से निभाने के लिए नए और आधुनिक वाहन भी मुहैया कराए गए हैं।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने पंजाब पुलिस में जिला कैडर के 1,600 नए पदों को मंजूरी दी है, जिनमें 150 इंस्पेक्टर, 450 सब-इंस्पेक्टर और 1,000 सहायक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। ये पद विभागीय तरक्की के माध्यम से भरे जाएंगे ताकि सेवा निभा रहे पुलिस कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार पुलिस अधिकारियों को उनकी योग्यता और वारी के अनुसार तरक्की दी जा रही हैं। हम फोर्स को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि हमारे पुलिस कर्मचारी अपनी ड्यूटी और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।”</p>
<p>सरकार के सड़क-सुरक्षा उपाय पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने राज्यीय और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने और कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ की शुरुआत की है।</p>
<h3><strong>ये युवा जवान इस फोर्स की रीढ़ के रूप में काम कर रहे हैं</strong></h3>
<p>उन्होंने बताया कि इस फोर्स के लिए लड़कियों सहित विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों को भर्ती किया गया है और उन्हें आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है। यह फोर्स लगभग 4,200 किलोमीटर के हादसों की आशंका वाले राजमार्गों पर तैनात किया गया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इस फोर्स के गठन से सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 52.87 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने कहा, “हाईवे पर बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमती जानें बचाने के लिए एस.एस.एफ. देश में अपनी तरह की पहली पहल है। ये युवा जवान इस फोर्स की रीढ़ के रूप में काम कर रहे हैं और हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रयासरत हैं।”</p>
<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भी रोक लगाने का काम कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद में राज्य सरकार की इस पहल की प्रशंसा की थी। उन्होंने नए भर्ती हुए युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब आप सरकार का अभिन्न अंग बन गए हैं। मिशनरी भावना से लोगों की सेवा करें और समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की मदद के लिए अपनी कलम और अपने पद का उपयोग करें।”इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डी.जी.पी. गौरव यादव और अन्य हस्तियां भी उपस्थित थीं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Delhi H1N1 Cases: दिल्ली में बढ़ रहे H1N1 के मामले, डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर दी खास सलाह</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/delhi-h1n1-cases-h1n1-cases-on-the-rise-in-delhi-doctors-give-special-advice-on-children-and-the-elderly</link>
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<description><![CDATA[ Delhi H1N1 Cases: दिल्ली में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 08:17:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Delhi H1N1 Cases, H1N1 Delhi, Swine Flu Delhi, H1N1 symptoms, Influenza Delhi, H1N1 in children, H1N1 precautions</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1641" data-end="1894" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1641" data-end="1655">Delhi H1N1 Cases :</strong> दिल्ली में H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी बच्चे या व्यक्ति में खांसी-जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रखना बेहतर है।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1896" data-end="2122">डॉक्टरों ने खास तौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर सतर्क रहने की बात कही है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे लोगों में फ्लू के कारण जटिलताएं बढ़ने का जोखिम अधिक हो सकता है।</p>
<h2 data-section-id="sqrzog" data-start="2124" data-end="2172">बच्चों में H1N1 को लेकर डॉक्टरों की खास चिंता</h2>
<p data-start="2174" data-end="2381">सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ और पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी के सह-निदेशक डॉ. धीरन गुप्ता ने कहा कि अगर किसी बच्चे को खांसी या जुकाम है तो उसे स्कूल भेजने या समूह में घुलने-मिलने से बचाना चाहिए।</p>
<p data-start="2383" data-end="2545">उन्होंने बताया कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, अस्थमा या न्यूरोलॉजिकल समस्या जैसी स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोग अधिक जोखिम में हो सकते हैं।</p>
<p data-start="2547" data-end="2771">डॉक्टर के मुताबिक छोटे बच्चों में, खासकर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में, मौजूदा संक्रमण ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है। दो साल से कम उम्र के बच्चों में तेज बुखार और खाना-पीना कम करना विशेष रूप से चिंता का विषय हो सकता है।</p>
<h2 data-section-id="e25yzl" data-start="2773" data-end="2823">तेज बुखार और शरीर में दर्द हो सकता है अहम संकेत</h2>
<p data-start="2825" data-end="3036">डॉ. धीरन गुप्ता के अनुसार मौजूदा इन्फ्लुएंजा संक्रमण में तेज बुखार और शरीर में काफी दर्द प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में बुखार 103 से 104 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच सकता है।</p>
<p data-start="3038" data-end="3229">उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति को 2009 के H1N1 प्रकोप जैसी स्थिति समझना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक अभी जिस बदलाव की बात हो रही है, वह एंटीजनिक ड्रिफ्ट है, न कि 2009 जैसा एंटीजनिक शिफ्ट।</p>
<h2 data-section-id="1k63h84" data-start="3231" data-end="3271">किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?</h2>
<p data-start="3273" data-end="3512">यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मॉडल टाउन, नई दिल्ली के पल्मोनोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन और एचओडी डॉ. इंदर मोहन चुघ ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में फ्लू की जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।</p>
<p data-start="3514" data-end="3643">उन्होंने डायबिटीज, हृदय, किडनी या लिवर की बीमारी, कैंसर, अस्थमा और COPD जैसी स्थितियों वाले लोगों को भी हाई रिस्क समूह में बताया।</p>
<p data-start="3645" data-end="3823">डॉ. चुघ के अनुसार ज्यादातर इन्फ्लुएंजा के मरीज करीब सात से दस दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन हाई रिस्क वाले लोगों में लक्षण गंभीर होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।</p>
<h2 data-section-id="utekjx" data-start="3825" data-end="3861">H1N1 में एंटीबायोटिक काम करता है?</h2>
<p data-start="3863" data-end="3966">डॉक्टरों ने साफ किया है कि इन्फ्लुएंजा एक वायरल संक्रमण है। ऐसे में एंटीबायोटिक इसका सीधा इलाज नहीं है।</p>
<p data-start="3968" data-end="4161">डॉ. चुघ के मुताबिक डॉक्टर की सलाह पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, खासकर जब उपचार शुरुआती चरण में शुरू किया जाए। किसी भी दवा को खुद से लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।</p>
<h2 data-section-id="ddvj4y" data-start="4163" data-end="4204">H1N1 से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?</h2>
<p data-start="4206" data-end="4369">विशेषज्ञों ने संक्रमण का जोखिम कम करने के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और जरूरत के मुताबिक मास्क लगाने की सलाह दी है।</p>
<p data-start="4371" data-end="4518">अगर किसी बच्चे या परिवार के सदस्य में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे दूसरों के संपर्क में कम रखने से संक्रमण फैलने का खतरा घटाया जा सकता है।</p>
<p data-start="4520" data-end="4675">स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाई रिस्क समूह में शामिल लोगों को लक्षण गंभीर होने का इंतजार नहीं करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।</p>
<h2 data-section-id="7j9wc0" data-start="4677" data-end="4726">क्यों महत्वपूर्ण है दिल्ली में H1N1 की स्थिति?</h2>
<p data-start="4728" data-end="4944">H1N1 इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों के बीच सबसे ज्यादा ध्यान उन लोगों पर है जिनमें संक्रमण के गंभीर होने का जोखिम अधिक है। खासकर छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षणों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।</p>
<p data-start="4946" data-end="5076">फिलहाल विशेषज्ञों की सलाह का मुख्य फोकस संक्रमण को फैलने से रोकने और गंभीर लक्षणों की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय मदद लेने पर है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>सुपौल में शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, घर से 2540 बोतल विदेशी शराब बरामद; कारोबारी गिरफ्तार</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/major-crackdown-on-liquor-smuggling-in-supaul-2540-bottles-of-foreign-liquor-recovered-from-house-businessman-arrested</link>
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<description><![CDATA[ सुपौल के किशनपुर थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर 2540 बोतल विदेशी शराब बरामद की। पुलिस ने एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 22:16:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Supaul News, Supaul Liquor Seized, Bihar Liquor Ban, Supaul Crime News, Foreign Liquor, Kishanpur News, Bihar Crime, Liquor Smuggling</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1032" data-end="1263" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1032" data-end="1042">Supaul News :</strong> बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। सुपौल जिले में उत्पाद विभाग ने देर रात कार्रवाई करते हुए <strong data-start="1170" data-end="1201">2540 बोतल विदेशी शराब बरामद</strong> की है। मामले में एक कथित कारोबारी को भी गिरफ्तार किया गया है।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1265" data-end="1403">कार्रवाई किशनपुर थाना क्षेत्र के मेहासीमर गांव में की गई। उत्पाद विभाग के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने एक घर में छापेमारी की थी।</p>
<h2 data-section-id="p2a1oy" data-start="1405" data-end="1450">गुप्त सूचना पर उत्पाद विभाग ने की छापेमारी</h2>
<p data-start="1452" data-end="1625">सुपौल के उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि सूचना मिली थी कि किशनपुर थाना क्षेत्र के मेहासीमर गांव निवासी <strong data-start="1580" data-end="1593">पवन कुमार</strong> विदेशी शराब का कारोबार करता है।</p>
<p data-start="1627" data-end="1799">सूचना मिलने के बाद उत्पाद निरीक्षक कुश कुमार, उत्पाद अवर निरीक्षक विष्णु देव यादव और उत्पाद पुलिस बल को शामिल कर टीम बनाई गई। इसके बाद देर रात संबंधित घर पर छापेमारी की गई।</p>
<h2 data-section-id="1gtvulm" data-start="1801" data-end="1836">घर से मिली 2540 बोतल विदेशी शराब</h2>
<p data-start="1838" data-end="1987">छापेमारी के दौरान घर के एक कमरे से विदेशी शराब की <strong data-start="1888" data-end="1903">2540 बोतलें</strong> बरामद की गईं। उत्पाद विभाग के अनुसार, जब्त शराब की कुल मात्रा करीब <strong data-start="1971" data-end="1983">560 लीटर</strong> है।</p>
<p data-start="1989" data-end="2060">कार्रवाई के दौरान कथित कारोबारी पवन कुमार को मौके से गिरफ्तार किया गया।</p>
<h2 data-section-id="1pz1fqi" data-start="2062" data-end="2095">शराब वाले कमरे को किया गया सील</h2>
<p data-start="2097" data-end="2227">उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार के अनुसार, जिस कमरे से शराब बरामद हुई, उसे सीलबंद कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है।</p>
<p data-start="2229" data-end="2407">अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शराब कारोबार में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2 data-section-id="1ub2cyq" data-start="2409" data-end="2450">आगे की जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर</h2>
<p data-start="2452" data-end="2661">उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां भेजा जाना था। साथ ही, पूछताछ के आधार पर इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>PM Modi के ऐलान के बाद बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव, दुनिया के Top&#45;5 में भारतीय बैंक को पहुंचाने की तैयारी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/big-change-in-the-banking-sector-after-pm-modis-announcement-preparations-to-take-indian-bank-to-the-top-5-in-the-world</link>
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<description><![CDATA[ PM Modi ने भारत के एक बैंक को दुनिया के Top-5 बैंकों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए सरकार हाई लेवल कमेटी बनाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 07:43:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Indian Bank Top 5, PM Modi Banking Sector, Indian Banking Sector, Nirmala Sitharaman, PSB Confluence 2026, Banking Reforms India, Public Sector Banks, Viksit Bharat 2047</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1141" data-end="1434" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1141" data-end="1155">PM Modi :</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भारतीय बैंकिंग सेक्टर के सामने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का कम से कम एक बैंक दुनिया के <strong data-start="1327" data-end="1343">Top-5 बैंकों</strong> में अपनी जगह बनाए। इस लक्ष्य को ‘विकसित भारत 2047’ की व्यापक सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1436" data-end="1670">प्रधानमंत्री के इस लक्ष्य के बाद बैंकिंग सेक्टर में सुधार और भविष्य की जरूरतों को लेकर सरकार की तैयारी भी सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाने की बात कही है।</p>
<h2 data-section-id="17p5924" data-start="1672" data-end="1695">PM Modi ने क्या कहा?</h2>
<p data-start="1697" data-end="1917">लाल किले से अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकिंग सेक्टर को लेकर बड़े लक्ष्य की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत को अब वैश्विक स्तर पर अपनी संस्थाओं की ताकत बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।</p>
<p data-start="1919" data-end="2027">प्रधानमंत्री ने खास तौर पर यह लक्ष्य रखा कि <strong data-start="1963" data-end="2027">कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के Top-5 बैंकों में शामिल हो।</strong></p>
<p data-start="2029" data-end="2147">उन्होंने इसी तरह फार्मा सेक्टर में भी भारतीय कंपनी को दुनिया की Top-5 कंपनियों में पहुंचाने का लक्ष्य रखने की बात कही।</p>
<p data-start="2149" data-end="2377">प्रधानमंत्री का यह आह्वान बैंकिंग सेक्टर के लिए सिर्फ आकार बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका संबंध भारतीय बैंकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों से भी है। <span class="" data-state="closed"></span></p>
<h2 data-section-id="a14nqk" data-start="2379" data-end="2420">निर्मला सीतारमण बनाएंगी हाई लेवल कमेटी</h2>
<p data-start="2422" data-end="2630">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की समीक्षा के लिए एक <strong data-start="2502" data-end="2520">हाई लेवल कमेटी</strong> बनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर को आने वाले वर्षों की आर्थिक जरूरतों के लिए तैयार करना है।</p>
<p data-start="2632" data-end="2816">सरकार की ओर से बैंकिंग क्षेत्र में पहले भी कई बड़े संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के जरिए बड़े बैंक बनाने की प्रक्रिया इसी दिशा में एक अहम कदम रही है।</p>
<p data-start="2818" data-end="3077">वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल बदलाव, बेहतर ग्राहक सेवाएं, मजबूत बैलेंस शीट और जोखिम प्रबंधन पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति में भी पिछले वर्षों में सुधार हुआ है। <span class="" data-state="closed"></span></p>
<h2 data-section-id="1iu4j00" data-start="3079" data-end="3121">बड़े भारतीय बैंक बनाने पर क्यों है जोर?</h2>
<p data-start="3123" data-end="3285">भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ने के साथ ऐसे बैंकों की जरूरत भी बढ़ रही है जो बड़े स्तर पर कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश की वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकें।</p>
<p data-start="3287" data-end="3533">सरकार की बैंकिंग नीति में पिछले कुछ वर्षों से छोटे-छोटे सरकारी बैंकों को मिलाकर अपेक्षाकृत मजबूत संस्थान तैयार करने पर जोर रहा है। इससे बैंकों की पूंजी क्षमता, तकनीकी क्षमता और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ाने की कोशिश की गई है।</p>
<p data-start="3535" data-end="3700">अब प्रधानमंत्री के Top-5 बैंक के लक्ष्य के बाद चर्चा इस बात पर है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर किस तरह वैश्विक स्तर के बड़े संस्थानों के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करेगा।</p>
<h2 data-section-id="1ubatld" data-start="3702" data-end="3742">‘विकसित भारत 2047’ से जुड़ा है लक्ष्य</h2>
<p data-start="3744" data-end="3960">प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकिंग सेक्टर के लक्ष्य को व्यापक रूप से <strong data-start="3807" data-end="3827">विकसित भारत 2047</strong> के विजन से जोड़ा है। भारत की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ वित्तीय संस्थानों को भी उसी स्तर पर मजबूत बनाने की जरूरत बताई जा रही है।</p>
<p data-start="3962" data-end="4270">सरकार पहले ही बैंकिंग सेक्टर में डिजिटल पेमेंट, वित्तीय समावेशन, ग्राहक सेवाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधार से जुड़े कई कदम उठा चुकी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एनपीए प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सुधार जारी हैं। <span class="" data-state="closed"></span></p>
<h2 data-section-id="1u7fdrr" data-start="4272" data-end="4292">अब आगे क्या होगा?</h2>
<p data-start="4294" data-end="4497">हाई लेवल कमेटी की सिफारिशें इस दिशा में आगे की नीति तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। सरकार का फोकस ऐसे बैंकिंग सिस्टम पर है जो घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सके।</p>
<p data-start="4499" data-end="4726">हालांकि, किसी भारतीय बैंक का दुनिया के Top-5 में पहुंचना लंबी प्रक्रिया होगी। इसके लिए बैंक के आकार के साथ पूंजी, कारोबार, तकनीक, वैश्विक उपस्थिति, जोखिम प्रबंधन और लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन जैसे कई मानकों पर काम करना होगा।</p>
<p data-start="4728" data-end="4879">फिलहाल प्रधानमंत्री के ऐलान और वित्त मंत्रालय की प्रस्तावित समीक्षा ने <strong data-start="4799" data-end="4879">भारतीय बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर ले जाने की बहस को नई दिशा दे दी है।</strong></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बगहा में शराब तस्करी पर कोर्ट का बड़ा फैसला, महिला समेत दो तस्करों को 5&#45;5 साल सश्रम कारावास</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/big-decision-on-liquor-smuggling-in-bagha-2-smugglers-including-woman-sentenced-to-5-years-rigorous-imprisonment</link>
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<description><![CDATA[ बगहा में चुलाई शराब की तस्करी के मामले में कोर्ट ने महिला समेत दो दोषियों को 5-5 साल सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 13 Aug 2026 07:43:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Bagaha News, Bihar News, Liquor Smuggling</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="1024" data-end="1326" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="1024" data-end="1033">परवेज आलम / बगहा : </strong>बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद चुलाई शराब के कारोबार के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को सजा सुनाई है। बगहा में महिला समेत दो शराब तस्करों को <strong data-start="1180" data-end="1205">5-5 साल सश्रम कारावास</strong> और <strong data-start="1209" data-end="1235">1-1 लाख रुपये जुर्माने</strong> की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<p data-start="1328" data-end="1410">यह फैसला बगहा के मधनिषेध उत्पाद विशेष न्यायाधीश राजीव द्विवेदी की अदालत ने सुनाया।</p>
<h3 data-section-id="1yh5pso" data-start="1412" data-end="1455">चुलाई शराब के साथ पकड़े गए थे तीन आरोपी</h3>
<p data-start="1457" data-end="1600">मामला भैरोगंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को देशी चुलाई शराब लेकर बिक्री के लिए जाते समय पकड़ा था।</p>
<p data-start="1602" data-end="1752">मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अदालत में सुनवाई हुई। गवाहों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।</p>
<p data-start="1754" data-end="1884">मामले में <strong data-start="1764" data-end="1800">राजकुमारी देवी और मोहन लाल उरांव</strong> को दोषी ठहराते हुए 5-5 साल सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।</p>
<h3 data-section-id="1xr1weu" data-start="1886" data-end="1924">तीसरे आरोपी की ट्रायल के दौरान मौत</h3>
<p data-start="1926" data-end="2114">इस मामले में तीसरा आरोपी <strong data-start="1951" data-end="1969">मंकेश्वर उरांव</strong> था। उसकी ट्रायल के दौरान स्वाभाविक मौत हो गई। वहीं सजा पाए राजकुमारी देवी और मोहन लाल उरांव को सुरक्षा व्यवस्था के बीच बगहा सब जेल भेज दिया गया।</p>
<h3 data-section-id="qiekgd" data-start="2116" data-end="2147">कोर्ट के फैसले को अहम बताया</h3>
<p data-start="2149" data-end="2336">मामले में मद्यनिषेध विभाग के विशेष लोक अभियोजक (SPP) अनवर हुसैन अंसारी ने फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से बिहार में कानून का राज स्थापित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p data-start="2338" data-end="2568">बगहा में सुनाया गया यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण रोक लागू है। कोर्ट के फैसले के बाद शराब निर्माण, तस्करी और सप्लाई में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश गया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बगहा में बच्चों ने बांस जुटाकर बना दिया 15 फीट का चचरी पुल, 22 गांवों की आवाजाही में मिली राहत</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/children-collect-bamboo-to-build-15-feet-chachari-bridge-in-bagaha-22-villages-relieved-of-movement</link>
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<description><![CDATA[ पश्चिम चंपारण के रामनगर डुमरी में स्कूली बच्चों ने बांस जुटाकर करीब 15 फीट लंबा चचरी पुल बनाया। बाढ़ में पुलिया ध्वस्त होने से लोगों को परेशानी हो रही थी। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 12:14:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Bagaha News, West Champaran News, Ramnagar News, Dumri News, Bihar News, Chachari Bridge</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="85" data-end="394" class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong data-start="85" data-end="109">परवेज आलम / बगहा, पश्चिम चंपारण।</strong> रामनगर प्रखंड के दोन क्षेत्र में स्कूली बच्चों ने बांस-बल्ली जुटाकर चचरी का पुल बनाया और मिसाल पेश की। डुमरी गांव के पास बाढ़ के पानी में पुलिया ध्वस्त होने के बाद लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। बच्चों ने गांव के लोगों से बांस जुटाकर करीब 15 फीट लंबा चचरी पुल तैयार कर दिया।<span aria-hidden="true" class="PDq2pG_selectionAnchor"></span></p>
<h2 data-section-id="16kzg38" data-start="396" data-end="436">पुलिया ध्वस्त होने से बढ़ी थी परेशानी</h2>
<p data-start="438" data-end="686">रामनगर के डुमरी में दोन क्षेत्र के 22 गांवों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली मुख्य सड़क की पुलिया बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गई थी। इसके बाद लोगों के लिए पैदल आना-जाना भी मुश्किल हो गया था। लोगों को उफनते पानी को पार करके आवाजाही करनी पड़ रही थी।</p>
<p data-start="688" data-end="840">इसी दौरान डुमरी गांव के कुछ बच्चे वहां खेल रहे थे। उन्होंने दोन इलाके की महिलाओं को पानी पार करते देखा। इसके बाद बच्चों ने मिलकर कुछ करने की योजना बनाई।</p>
<h2 data-section-id="74qi3a" data-start="842" data-end="878">गांव से बांस जुटाकर खुद बनाया पुल</h2>
<p data-start="880" data-end="1098">बच्चों ने गांव के लोगों से बांस चंदे में जुटाए और चचरी का पुल बनाने में लग गए। बताया जा रहा है कि इस पहल में 10 वर्षीय पुष्पांजलि भी शामिल रही। पुष्पांजलि के जज्बे को देखकर उसके पिता ने भी बच्चों के काम में सहयोग किया।</p>
<p data-start="1100" data-end="1262">बच्चों ने दिनभर में करीब 15 फीट लंबा चचरी पुल तैयार कर दिया। इसके बाद दोन क्षेत्र के लोगों ने बच्चों की इस पहल की सराहना की और उन्हें सम्मानित करने के लिए पहुंचे।</p>
<h2 data-section-id="1himc1s" data-start="1264" data-end="1305">इंजीनियर बनकर क्षेत्र के विकास का सपना</h2>
<p data-start="1307" data-end="1424">चचरी पुल बनाने वाले बच्चों का कहना है कि उनका सपना पढ़-लिखकर इंजीनियर बनना और दोन क्षेत्र के विकास में सहयोग करना है।</p>
<p data-start="1426" data-end="1628">बच्चों की इस पहल की जानकारी मिलने के बाद दोन क्षेत्र के लोग उन्हें सम्मानित करने पहुंचे। इस दौरान बच्चों के काम की चर्चा होती रही। खेलने और पढ़ने की उम्र में बच्चों की इस पहल ने लोगों का ध्यान खींचा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तुर्की में ट्रंप की सुरक्षा को लेकर क्यों बढ़ी थी चिंता? ईरान से खतरे के बीच ऐसे बदली गई थी उनकी यात्रा</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/why-was-there-concern-about-trumps-security-in-turkey-their-trip-was-changed-in-the-midst-of-the-threat-from-iran</link>
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<description><![CDATA[ NATO Summit के दौरान तुर्की में डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक इसी वजह से उनकी यात्रा की योजना बदली गई। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 07:58:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Trump Iran Threat, Donald Trump Turkey, Iran Trump Threat, Trump Air Force One, NATO Summit Turkey</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>NATO Summit :</span></strong><span> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई थी। NATO Summit के बाद उनकी वापसी के समय विमान बदलने का फैसला अब इसी सुरक्षा खतरे से जोड़कर देखा जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें ट्रंप और उनके विमान को ईरान से जुड़े संभावित खतरे की आशंका जताई गई थी। इसी के बाद उनकी वापसी की योजना में अचानक बदलाव किया गया।</span></p>
<h2><span>क्या ट्रंप पर हमले का था खतरा?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को ट्रंप और Air Force One को निशाना बनाए जाने की आशंका से जुड़ी खुफिया जानकारी मिली थी। CBS News ने भी अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि राष्ट्रपति के विमान के खिलाफ मिसाइल हमले का एक विश्वसनीय खतरा सामने आया था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि ईरान ने ट्रंप की हत्या की पूरी योजना बना ली थी या हमला निश्चित था। सामने आई जानकारी एक गंभीर सुरक्षा खतरे और संभावित हमले की आशंका से जुड़ी है।</span></p>
<h2><span>कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल की आशंका</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रिपोर्टों में बताया गया कि NATO Summit के दौरान ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को अलग-अलग इनपुट मिले थे। इनमें जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल के संभावित खतरे का भी जिक्र था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि NATO Summit के आसपास एक व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ देखे जाने की जानकारी मिली थी। हालांकि, इस तरह के सुरक्षा इनपुट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।</span></p>
<h2><span>ट्रंप ने क्यों बदला Air Force One?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>तुर्की पहुंचने के लिए ट्रंप ने कतर की ओर से दिए गए नए Boeing 747-8 विमान का इस्तेमाल किया था। लेकिन वापसी के समय उन्होंने पुराने Air Force One से उड़ान भरी और बाद में ब्रिटेन में विमान बदला। उस समय ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वह पुराने विमान से ‘पुराने दिनों की याद’ के लिए यात्रा करेंगे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बाद की रिपोर्टिंग में सामने आया कि विमान बदलने के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंता एक अहम वजह थी। अधिकारियों के मुताबिक पुराने Air Force One में राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए अधिक विकसित रक्षा प्रणालियां मौजूद थीं।</span></p>
<h2><span>अब सामने आया गुप्त ऑपरेशन का विवरण</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल की रिपोर्टिंग के मुताबिक ट्रंप को तुर्की से बाहर निकालने के लिए सुरक्षा अधिकारियों ने एक बेहद गोपनीय योजना तैयार की थी। रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें एयरपोर्ट के एक कैटरिंग कंटेनर के जरिए दूसरे विमान तक ले जाया गया, जबकि सार्वजनिक तौर पर यह दिखाया गया कि वह पुराने Air Force One से ही रवाना हुए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस ऑपरेशन का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि संभावित हमलावरों को यह पता न चल सके कि राष्ट्रपति वास्तव में किस विमान से यात्रा कर रहे हैं।</span></p>
<h2><span>क्या ईरान को ट्रंप की लोकेशन की जानकारी थी?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस दावे को लेकर भी रिपोर्टिंग सामने आई है कि ईरान से जुड़े कुछ लोगों को अंकारा में ट्रंप के ठहरने की जगह की जानकारी थी। ईरानी मीडिया से जुड़ी एक रिपोर्ट में ट्रंप के होटल और उनके ठहरने की मंजिल तक का उल्लेख किया गया था। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष निकालना कि हमला निश्चित रूप से होने वाला था, उपलब्ध जानकारी से साबित नहीं होता।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यही वजह है कि इस पूरे मामले को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मिले संभावित खतरे के संदर्भ में देखना ज्यादा उचित है।</span></p>
<h2><span>ट्रंप पहले भी रह चुके हैं हमले के निशाने पर</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी हत्या के प्रयासों का सामना कर चुके हैं। 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में चुनावी रैली के दौरान उन पर गोली चली थी और वह घायल हुए थे। उसी साल फ्लोरिडा में उनके गोल्फ कोर्स के पास भी एक हथियारबंद व्यक्ति को लेकर सुरक्षा घटना सामने आई थी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन घटनाओं और तुर्की में सामने आए ईरान से जुड़े खतरे के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।</span></p>
<h2><span>ट्रंप की सुरक्षा पर क्यों उठे सवाल?</span></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>तुर्की में सामने आया घटनाक्रम सिर्फ विमान बदलने तक सीमित नहीं रहा। इसने अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था और नई Air Force One की सुरक्षा क्षमताओं को लेकर भी सवाल खड़े किए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>NATO Summit के दौरान पश्चिम एशिया में तनाव पहले से काफी बढ़ा हुआ था। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त सतर्कता स्वाभाविक थी।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुजफ्फरपुर की उस जेल में आज फिर गूंजा शहीद खुदीराम बोस का नाम, 118 साल बाद भी जिंदा है उनकी शहादत की कहानी</title>
<link>https://www.newstvindia.in/state-news/bihar/martyr-khudiram-boses-name-resonates-again-in-that-muzaffarpur-jail-the-story-of-his-martyrdom-is-still-alive-after-118-years</link>
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<description><![CDATA[ मुजफ्फरपुर में अमर शहीद खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि दी गई। जानिए उनकी शहादत और मुजफ्फरपुर से जुड़ी पूरी कहानी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 08:00:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Khudiram Bose, Khudiram Bose Martyrdom Day, Muzaffarpur, Indian Freedom Struggle, Bihar News</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>मुजफ्फरपुर:</span></strong><span> देश की आजादी के लिए महज किशोर उम्र में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस को मंगलवार, 11 अगस्त को उनके शहादत दिवस पर मुजफ्फरपुर में श्रद्धापूर्वक याद किया गया। सुबह करीब 4:30 बजे आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उनके परिजनों ने भी हिस्सा लिया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुजफ्फरपुर की जिस जेल से खुदीराम बोस की शहादत की कहानी जुड़ी है, वहां आज भी उनकी स्मृति लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर की याद दिलाती है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी जेल में 11 अगस्त 1908 को उन्हें फांसी दी गई थी।</span></p>
<h2><strong><span>फांसी स्थल और प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धा-सुमन</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>शहादत दिवस के मौके पर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त, तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>खुदीराम बोस के परिजन भी इस मौके पर मुजफ्फरपुर पहुंचे। अधिकारियों और परिजनों ने जेल परिसर में स्थित उस सेल, फांसी स्थल और उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, जहां उनकी शहादत की स्मृतियां आज भी जुड़ी हुई हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल का नाम भी आज </span><strong><span>शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा</span></strong><span> है। यह स्थान स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्मृति स्थल माना जाता है।</span></p>
<h2><strong><span>कौन थे खुदीराम बोस?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन युवा क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने कम उम्र में ही ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी प्रकाशनों के अनुसार उनका जन्म 1889 में बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती दौर में वे क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े और ब्रिटिश शासन के खिलाफ सक्रिय हो गए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बंगाल विभाजन के बाद देश में राष्ट्रवादी आंदोलन तेज हो रहा था। इसी दौर में खुदीराम बोस भी क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े और ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की योजनाओं में शामिल हुए।</span></p>
<h2><strong><span>मुजफ्फरपुर से कैसे जुड़ा खुदीराम बोस का नाम?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>1908 में ब्रिटिश अधिकारी डगलस किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने की योजना बनाई गई। किंग्सफोर्ड पहले बंगाल में तैनात थे और बाद में मुजफ्फरपुर में जिला जज के रूप में आए थे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>30 अप्रैल 1908 की रात खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किंग्सफोर्ड की बग्गी समझकर एक बग्गी पर बम फेंका। हालांकि किंग्सफोर्ड उस बग्गी में मौजूद नहीं थे। हमले में बग्गी में सवार दो यूरोपीय महिलाओं की मौत हो गई। सरकारी स्रोत भी इस घटना में किंग्सफोर्ड के बच जाने और दो महिलाओं की मौत की पुष्टि करते हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद ब्रिटिश पुलिस ने खुदीराम बोस को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मुजफ्फरपुर जेल में रखा गया और मुकदमे के बाद फांसी की सजा सुनाई गई।</span></p>
<h2><strong><span>11 अगस्त 1908 को दी गई फांसी</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>11 अगस्त 1908 को खुदीराम बोस को मुजफ्फरपुर जेल में फांसी दी गई। उस समय उनकी उम्र करीब 18-19 वर्ष थी। सरकारी स्रोत उन्हें भारत के सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में शामिल बताते हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उनकी शहादत ने देशभर में युवाओं के बीच गहरा प्रभाव छोड़ा। कम उम्र में देश के लिए प्राण न्योछावर करने के कारण खुदीराम बोस स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक अलग पहचान बना गए।</span></p>
<h2><strong><span>आज भी याद की जाती है उनकी शहादत</span></strong></h2>
<p><span>मुजफ्फरपुर में हर साल 11 अगस्त को खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जेल परिसर में मौजूद उनकी स्मृतियां इस बात की याद दिलाती हैं कि आजादी की लड़ाई में युवाओं ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Weather Alert: दिल्ली&#45;NCR से MP तक बदला मौसम, 14 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली का अलर्ट</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/weather-alert-weather-changed-from-delhi-ncr-to-mp-rain-thunderstorm-and-lightning-alert-in-14-states</link>
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<description><![CDATA[ Weather Alert: दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश का दौर बढ़ा है। मौसम विभाग ने आंधी और बिजली को लेकर चेतावनी दी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 07:46:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Weather Alert, Delhi Weather, MP Weather, Rain Alert, IMD Weather</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span><strong>Weather Alert : </strong>उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR में पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने राहत दी है। अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसी बीच मौसम विभाग ने </span><strong><span>14 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने</span></strong><span> को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ मौसम खराब हो सकता है।</span></p>
<h2><strong><span>दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दिल्ली-NCR में 11 अगस्त को बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 से 15 अगस्त के बीच भी आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पिछले करीब दो सप्ताह से उमस और गर्मी झेल रहे दिल्लीवासियों को बीते दो दिनों में हुई बारिश से राहत मिली है। बारिश के चलते तापमान में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p>
<h2><strong><span>उत्तर प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और बस्ती समेत कई इलाकों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी लखनऊ में भी मंगलवार को अच्छी बारिश हो सकती है।</span></p>
<h2><strong><span>MP में ऑरेंज अलर्ट, आंधी और बिजली का खतरा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भोपाल, देवास, इंदौर, मंदसौर, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इंदौर में भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट है।</span></p>
<h2><strong><span>बिहार और उत्तराखंड में भी बदलेगा मौसम</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बिहार के भागलपुर, बांका, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं कैमूर, रोहतास, बक्सर, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उत्तराखंड में देहरादून, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना है। देहरादून और हरिद्वार में भी तेज बारिश हो सकती है।</span></p>
<h2><strong><span>गुजरात में भी आंधी-बिजली का अलर्ट</span></strong></h2>
<p><span>गुजरात के छोटा उदेपुर, दाहोद, नर्मदा और पंचमहल में तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा बताया गया है। गांधीनगर और अहमदाबाद में भी बारिश की संभावना है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>7 साल में सीवर में दम घुटने से 498 सफाई कर्मचारियों की मौत, संसद में सरकार ने जारी किए आंकड़े</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/498-sanitation-workers-die-due-to-suffocation-in-sewer-in-7-years-figures-released-by-the-government-in-parliament</link>
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<description><![CDATA[ सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों को लेकर सरकार ने लोकसभा में आंकड़े पेश किए। 2019 से जून 2026 तक सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 498 सफाई कर्मचारियों की मौत हुई, जबकि मैनुअल स्कैवेंजिंग से मौत का आंकड़ा शून्य बताया गया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 07:34:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>देश में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतें अब भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। सरकार ने लोकसभा में बताया कि </span><strong><span>1 जनवरी 2019 से 30 जून 2026</span></strong><span> के बीच देशभर में </span><strong><span>498 सफाई कर्मचारियों</span></strong><span> की सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से मौत हुई है। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि इसी अवधि में </span><strong><span>'मैनुअल स्कैवेंजिंग'</span></strong><span> के कारण एक भी मौत दर्ज नहीं हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री </span><strong><span>रामदास अठावले</span></strong><span> ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष </span><strong><span>राहुल गांधी</span></strong><span> के सवाल के लिखित जवाब में दी।</span></p>
<h2><strong><span>राहुल गांधी ने सरकार से क्या सवाल पूछे थे?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने लोकसभा में सरकार से सीवर सफाई और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल पूछे थे। उन्होंने जानना चाहा कि देश में खतरनाक सफाई कार्य में कितने लोग लगे हैं, 2019 के बाद कितनी मौतें हुईं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 30 लाख रुपये का मुआवजा कितने परिवारों को मिला और क्या मैनुअल स्कैवेंजर मुक्त घोषित जिलों की रिपोर्ट का कोई स्वतंत्र ऑडिट कराया गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार ने सीवर सफाई के पूर्ण मशीनीकरण के लिए कोई समयसीमा तय की है।</span></p>
<h2><strong><span>आंकड़े बताते हैं- औसतन हर 11 दिन में एक मौत</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार द्वारा संसद में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में सबसे अधिक </span><strong><span>132</span></strong><span> सफाई कर्मचारियों की मौत हुई। इसके बाद 2020 में </span><strong><span>34</span></strong><span>, 2021 में </span><strong><span>62</span></strong><span>, 2022 में </span><strong><span>88</span></strong><span>, 2023 में </span><strong><span>65</span></strong><span>, 2024 में </span><strong><span>54</span></strong><span> और 2025 में </span><strong><span>47</span></strong><span> मौतें दर्ज की गईं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वहीं, वर्ष 2026 में 30 जून तक </span><strong><span>16</span></strong><span> सफाई कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इन आंकड़ों के आधार पर देखा जाए तो औसतन हर </span><strong><span>11 दिन</span></strong><span> में एक सफाई कर्मचारी सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान अपनी जान गंवा रहा है।</span></p>
<h2><strong><span>30 लाख रुपये का मुआवजा कितनों को मिला?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में सीवर सफाई के दौरान मौत होने पर मुआवजे की राशि बढ़ाकर </span><strong><span>30 लाख रुपये</span></strong><span> करने का निर्देश दिया था। लेकिन संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, </span><strong><span>498 मौतों में से केवल 75 मामलों</span></strong><span> में ही 30 लाख रुपये का पूरा मुआवजा दिया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकारी जवाब के मुताबिक </span><strong><span>345 परिवारों</span></strong><span> को पुराने नियम के तहत </span><strong><span>10 लाख रुपये</span></strong><span> मिले, जबकि </span><strong><span>22 मामलों</span></strong><span> में आंशिक मुआवजा दिया गया। वहीं </span><strong><span>56 मामलों</span></strong><span> में मुआवजे की स्थिति को लेकर सरकार के पास कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।</span></p>
<h2><strong><span>498 मौतें, फिर भी 'मैनुअल स्कैवेंजिंग' से मौत शून्य क्यों?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार के जवाब में सामने आया यह अंतर कानून में मौजूद अलग-अलग परिभाषाओं से जुड़ा है। </span><strong><span>'मैनुअल स्कैवेंजर्स अधिनियम, 2013'</span></strong><span> के तहत हाथ से मैला उठाने को मैनुअल स्कैवेंजिंग माना जाता है। सरकार का कहना है कि इस श्रेणी में किसी मौत का मामला दर्ज नहीं हुआ।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वहीं, बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरकर सफाई करना </span><strong><span>'खतरनाक सफाई'</span></strong><span> की श्रेणी में आता है। सरकार द्वारा बताई गई </span><strong><span>498 मौतें</span></strong><span> इसी श्रेणी से संबंधित हैं।</span></p>
<h2><strong><span>जिलों की 'जीरो' रिपोर्ट का नहीं हुआ स्वतंत्र ऑडिट</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राहुल गांधी ने यह भी पूछा था कि जिन जिलों ने खुद को मैनुअल स्कैवेंजर मुक्त घोषित किया है, क्या उनकी रिपोर्ट का स्वतंत्र ऑडिट कराया गया है। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि ऐसा कोई अलग ऑडिट नहीं कराया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार के अनुसार, 2024-25 के सर्वे में जिलों द्वारा दी गई रिपोर्ट को ही आधार माना गया। इससे पहले 2013 और 2018 के सर्वे में देशभर में </span><strong><span>58,098 मैनुअल स्कैवेंजर</span></strong><span> चिन्हित किए गए थे, जिनमें सबसे अधिक </span><strong><span>32,473</span></strong><span> उत्तर प्रदेश से थे।</span></p>
<h2><strong><span>सीवर सफाई के मशीनीकरण की समयसीमा अब भी तय नहीं</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार ने अपने जवाब में सीवर सफाई के पूर्ण मशीनीकरण के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई। हालांकि, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जुलाई 2023 में शुरू की गई </span><strong><span>'नमस्ते योजना'</span></strong><span> के तहत अब तक </span><strong><span>89,915</span></strong><span> सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों का सत्यापन किया जा चुका है।</span></p>
<p><span>उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण, मशीन खरीदने के लिए सहायता और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि, सीवर में इंसानों के उतरने की व्यवस्था पूरी तरह कब समाप्त होगी, इस पर सरकार ने कोई समयसीमा नहीं दी।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गाजा में फिर तेज हुआ संघर्ष, कतर, मिस्र और तुर्की ने इजरायल से संघर्ष विराम लागू करने की अपील की</title>
<link>https://www.newstvindia.in/international/conflict-intensifies-again-in-gaza-qatar-egypt-and-turkey-urge-israel-to-implement-ceasefire</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/international/conflict-intensifies-again-in-gaza-qatar-egypt-and-turkey-urge-israel-to-implement-ceasefire</guid>
<description><![CDATA[ कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई की निंदा करते हुए संघर्ष विराम समझौते को लागू करने और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की। ]]></description>
<enclosure url="https://www.newstvindia.in/uploads/images/202608/image_1200x675_6a714aeeb5432.webp" length="100972" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 04 Aug 2026 07:44:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Gaza News, Israel Gaza Conflict, Qatar, Egypt, Turkey</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><span>गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच कतर, मिस्र और तुर्की ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह लागू करने की अपील की है। तीनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति पर जोर दिया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म </span><strong><span>X</span></strong><span> पर जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि गाजा में नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ स्वास्थ्य ढांचे पर हो रहे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हैं। तीनों देशों ने इजरायल से अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने का भी आग्रह किया।</span></p>
<h2><strong><span>संघर्ष विराम लागू करने और राहत सामग्री पहुंचाने की अपील</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>संयुक्त बयान में कहा गया कि संघर्ष विराम समझौते के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों को सहमत रोडमैप का पालन करना चाहिए। कतर, मिस्र और तुर्की ने कहा कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई शांति प्रक्रिया के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>तीनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह गाजा में मानवीय सहायता और चिकित्सा सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए।</span></p>
<h2><strong><span>गाजा और वेस्ट बैंक में जारी रही सैन्य कार्रवाई</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा उद्धृत अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा शहर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में हुए एक इजरायली हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक के नाबलुस शहर में इजरायली सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य वाहनों और बुलडोजर के साथ सुरक्षा बल शहर के पूर्वी इलाके में पहुंचे। इस दौरान गोलीबारी और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अल जज़ीरा ने फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के आपातकालीन एवं एंबुलेंस केंद्र के अधिकारी अमजद अहमद के हवाले से बताया कि कार्रवाई के दौरान एक 56 वर्षीय महिला घायल हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।</span></p>
<h2><strong><span>इजरायली सेना ने हमास के दो कमांडरों को मारने का दावा किया</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>दूसरी ओर, इजरायल रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि उसने हमास की सैन्य शाखा के नुखबा कमांडर अदनान ताहा अबू अल-तैफ को एक कार्रवाई में मार गिराया है। आईडीएफ के अनुसार, वह 7 अक्टूबर के हमले के दौरान इजरायल में घुसपैठ करने वालों में शामिल था।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>आईडीएफ ने एक अन्य कार्रवाई में हमास की दराज तुफ्फाह बटालियन के कमांडर जलाल त्सुबेह के भी मारे जाने का दावा किया। सेना के अनुसार, दोनों हाल के दिनों में इजरायली सैनिकों और नागरिकों पर हमलों की योजना बनाने में शामिल थे।</span></p>
<h2><strong><span>दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति पर बनी हुई है नजर</span></strong></h2>
<p><span>गाजा संघर्ष को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां कतर, मिस्र और तुर्की ने नागरिकों और चिकित्सा ढांचे पर हमलों को लेकर चिंता जताई है, वहीं इजरायली सेना का कहना है कि उसकी कार्रवाई हमास के सैन्य ढांचे और उसके कमांडरों को निशाना बनाकर की जा रही है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Dharmendra Pradhan Resignation: अमित शाह बोले&#45; BJP कार्यकर्ताओं के लिए पद नहीं, देश और युवा सबसे पहले</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/dharmendra-pradhan-resignation-amit-shah-says-not-posts-for-bjp-workers-country-and-youth-first</link>
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<description><![CDATA[ Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पद से अधिक देश और युवा पीढ़ी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 26 Jul 2026 07:34:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Dharmendra Pradhan Resignation, Amit Shah, BJP News, Education Minister, NEET Paper Leak</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Dharmendra Pradhan Resignation :</span></strong><span> केंद्रीय शिक्षा मंत्री </span><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong><span> के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री </span><strong><span>अमित शाह</span></strong><span> ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण देश, देशवासी और युवा पीढ़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सोच को दर्शाता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।</span></p>
<h2><strong><span>Dharmendra Pradhan Resignation पर अमित शाह ने क्या कहा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने युवाओं के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कड़े कानूनी प्रावधान सरकार की इसी नीति का हिस्सा हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से </span><strong><span>NEET</span></strong><span> परीक्षा से जुड़े छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr">भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री <a href="https://x.com/dpradhanbjp?ref_src=twsrc%5Etfw">@dpradhanbjp</a> जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।<br><br>मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के… <a href="https://t.co/p12wLKGUkm">https://t.co/p12wLKGUkm</a></p>
— Amit Shah (@AmitShah) <a href="https://x.com/AmitShah/status/2081080323564335615?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज की भी सराहना की</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने </span><strong><span>राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)</span></strong><span> के क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, </span><strong><span>पीएम श्री विद्यालयों</span></strong><span> के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किए।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अमित शाह के मुताबिक, परीक्षा प्रणाली को अधिक छात्र-केंद्रित और समावेशी बनाने की दिशा में भी धर्मेंद्र प्रधान ने कई पहल कीं।</span></p>
<h2><strong><span>इस्तीफे पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म </span><strong><span>X</span></strong><span> पर जारी अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने लिखा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए काम करते रहे हैं और देश के युवाओं की आकांक्षाओं का हमेशा सम्मान करते रहेंगे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिला।</span></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="zxx" dir="ltr"><a href="https://t.co/VSArqS98OJ">pic.twitter.com/VSArqS98OJ</a></p>
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) <a href="https://x.com/dpradhanbjp/status/2080938216505667663?ref_src=twsrc%5Etfw">July 25, 2026</a></blockquote>
<p class="isSelectedEnd"><span>
<script async="" src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</span></p>
<h2><strong><span>NEET परीक्षा को लेकर भी रखा पक्ष</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि </span><strong><span>3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा</span></strong><span> में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच </span><strong><span>CBI</span></strong><span> को सौंपी। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से परीक्षा को </span><strong><span>कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)</span></strong><span> मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार, इस दौरान सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना रही।</span></p>
<h2><strong><span>सरकार ने दोहराई परीक्षा सुधार की प्रतिबद्धता</span></strong></h2>
<p><span>अमित शाह के बयान के साथ केंद्र सरकार ने एक बार फिर संकेत दिया है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आगे भी सुधार किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Ravneet Singh Bittu Resignation: रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तुरंत किया मंजूर</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/ravneet-singh-bittu-resignation-minister-of-state-for-railways-ravneet-singh-bittu-resigns-president-draupadi-murmu-immediately-accepts</link>
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<description><![CDATA[ Ravneet Singh Bittu Resignation: रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर मंजूर कर लिया। जानिए उनके इस्तीफे और राजनीतिक सफर से जुड़ी पूरी जानकारी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 25 Jul 2026 07:22:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>Ravneet Singh Bittu Resignation, Railway Minister, Modi Cabinet, BJP, Punjab Politics, President Murmu</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>Ravneet Singh Bittu Resignation :</span></strong><span> केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे </span><strong><span>रवनीत सिंह बिट्टू</span></strong><span> ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति </span><strong><span>द्रौपदी मुर्मू</span></strong><span> ने प्रधानमंत्री </span><strong><span>नरेंद्र मोदी</span></strong><span> की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना में इसकी पुष्टि की गई है। इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही बिट्टू अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>हाल के दिनों में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और दोबारा सदन में नहीं पहुंच पाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज थीं। ऐसे में उनका इस्तीफा कई सवाल भी खड़े कर रहा है। हालांकि, </span><strong><span>सरकार की ओर से इस्तीफे की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।</span></strong></p>
<h2><strong><span>Ravneet Singh Bittu Resignation पर राष्ट्रपति भवन ने क्या कहा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के </span><strong><span>अनुच्छेद 75(2)</span></strong><span> के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। आदेश जारी होने के साथ ही यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>गौरतलब है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट्स में इस इस्तीफे को अन्य समकालीन घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन </span><strong><span>ऐसी किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।</span></strong></p>
<h2><strong><span>राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाया। तभी से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि केंद्र सरकार में उनकी भूमिका को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>अब इस्तीफा स्वीकार होने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।</span></p>
<h2><strong><span>कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए थे बिट्टू</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रवनीत सिंह बिट्टू ने </span><strong><span>मार्च 2024</span></strong><span> में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में उन्हें रेल राज्य मंत्री बनाया गया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस फैसले को उस समय भाजपा की पंजाब रणनीति के लिहाज से अहम माना गया था।</span></p>
<h2><strong><span>पंजाब की राजनीति में मजबूत पहचान</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। वह तीन बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने पहली बार </span><strong><span>2009</span></strong><span> में आनंदपुर साहिब सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद </span><strong><span>2014</span></strong><span> और </span><strong><span>2019</span></strong><span> में लुधियाना लोकसभा सीट से सांसद बने।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने पार्टी के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष </span><strong><span>2021</span></strong><span> में कुछ समय के लिए उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का नेता भी बनाया गया था, जब तत्कालीन नेता अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त थे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री </span><strong><span>बेअंत सिंह</span></strong><span> के पोते हैं और लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे हैं।</span></p>
<h2><strong><span>अब आगे क्या होगा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद अब रेल राज्य मंत्री का पद खाली हो गया है। ऐसे में निगाहें इस बात पर रहेंगी कि केंद्र सरकार इस जिम्मेदारी के लिए नए चेहरे का चयन करती है या आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में इस पद को भरा जाएगा।</span></p>
<p></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CJP Protest Live: सरकार से 2 घंटे की बैठक के बाद CJP की 3 मांगें, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कल तक फैसला संभव</title>
<link>https://www.newstvindia.in/india/cjp-protest-live-3-demands-of-cjp-after-2-hours-of-meeting-with-government-decision-on-dharmendra-pradhans-resignation-possible-by-tomorrow</link>
<guid>https://www.newstvindia.in/india/cjp-protest-live-3-demands-of-cjp-after-2-hours-of-meeting-with-government-decision-on-dharmendra-pradhans-resignation-possible-by-tomorrow</guid>
<description><![CDATA[ CJP Protest Live के बीच केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखीं, जबकि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर अगले दिन तक का समय मांगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 18:01:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Nitesh Kumar Jha</dc:creator>
<media:keywords>CJP Protest Live, Dharmendra Pradhan, JP Nadda, NEET Protest, Student Protest, Sonam Wangchuk</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><span>CJP Protest Live :</span></strong><span> NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को </span><strong><span>कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)</span></strong><span> के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच अहम बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, हालांकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री </span><strong><span>धर्मेंद्र प्रधान</span></strong><span> के इस्तीफे की मांग पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। सरकार ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए अगले दिन तक का समय मांगा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>करीब दो घंटे चली बैठक में केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span> और </span><strong><span>डॉ. जितेंद्र सिंह</span></strong><span> शामिल हुए। वहीं CJP की ओर से संगठन के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।</span></p>
<h2><strong><span>CJP Protest Live: बैठक में कौन-सी तीन मांगें रखीं गईं?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता </span><strong><span>आशुतोष रांका</span></strong><span> के अनुसार, संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—</span></p>
<ul data-spread="false">
<li><span>पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को </span><strong><span>1 करोड़ रुपये मुआवजा</span></strong><span> दिया जाए।</span></li>
<li><span>आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज </span><strong><span>एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाई वापस ली जाए।</span></strong></li>
<li><strong><span>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे</span></strong><span> की मांग स्वीकार की जाए।</span></li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd"><span>रांका ने दावा किया कि पहली दो मांगों पर सरकार ने सिद्धांततः सहमति जताई है, जबकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर विचार के लिए अगले दिन तक का समय मांगा गया है।</span></p>
<h2><strong><span>जेपी नड्डा ने क्या कहा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री </span><strong><span>जेपी नड्डा</span></strong><span> ने कहा कि सरकार ने CJP प्रतिनिधिमंडल की बात विस्तार से सुनी है। उनके अनुसार, संगठन ने तीन प्रमुख मांगों के अलावा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पांच सुझाव भी दिए हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने बताया कि अगले दिन दोपहर फिर बैठक होगी, जिसमें सरकार अपना विस्तृत रुख साझा करेगी और आगे की बातचीत होगी।</span></p>
<h2><strong><span>लिखित मांगें सरकार को सौंपी गईं</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक के दौरान CJP नेताओं ने अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन भी सरकार को सौंपा। इससे पहले दिल्ली के वीपी हाउस में दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू हुई थी। CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।</span></p>
<h2><strong><span>'इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं'</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>CJP के संस्थापक अध्यक्ष </span><strong><span>अभिजीत दीपके</span></strong><span> ने कहा कि संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम किसी समाधान को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं की आवाज है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत करते हुए कहा कि आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आगे भी जारी रहेगा।</span></p>
<h2><strong><span>डॉ. गीतांजलि अंगमो का दावा</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सोनम वांगचुक की पत्नी </span><strong><span>डॉ. गीतांजलि अंगमो</span></strong><span> ने दावा किया कि सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज नहीं करने, NEET से प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे पर विचार करने और संसद में शिक्षा सुधारों पर चर्चा कराने को लेकर लिखित आश्वासन दिया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विपक्षी सांसदों ने भी इस विषय को संसद में उठाने का भरोसा दिया है। </span><strong><span>हालांकि, इन दावों पर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।</span></strong></p>
<h2><strong><span>अब आगे क्या होगा?</span></strong></h2>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार और CJP के बीच अगली बैठक अगले दिन प्रस्तावित है। इस बैठक में विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और परीक्षा सुधारों पर सरकार के अंतिम रुख पर चर्चा होने की संभावना है।</span></p>
<p><span>फिलहाल जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है और सभी की नजर अगली वार्ता पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि बातचीत किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंचती है या आंदोलन आगे और तेज होता है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

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