अंबाला छावनी में कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस भवन में हुए प्रदर्शन के दौरान पार्टी के जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह परी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग और SIR को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
परविंदर सिंह परी ने कहा कि बैलेट पेपर की मांग केवल कांग्रेस की नहीं है, बल्कि इसे लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा मानकर पार्टी लगातार उठा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखेगी।
अंबाला की वोटर लिस्ट का हवाला देकर कांग्रेस का दावा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता ने अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि यहां करीब 2 लाख 8 हजार मतदाताओं में से लगभग 60 हजार वोट काटे गए हैं।
हालांकि, यह आंकड़ा और वोट काटे जाने के पीछे बताए गए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इसे कांग्रेस नेता के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
परी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल वोटरों के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि एक ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके जरिए वोट जोड़े या हटाए जा सकते हैं।
इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष इस स्थानीय प्रदर्शन की उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
बैलेट पेपर की मांग अब विपक्ष के बड़े अभियान का हिस्सा
अंबाला में उठी यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। INDIA ब्लॉक ने हाल में SIR को लेकर देशभर में विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया था और EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई थी।
6 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और कुछ नेताओं को हिरासत में ले लिया।
अंबाला में कांग्रेस का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक अभियान की स्थानीय कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।
8 अक्टूबर को अंबाला शहर में फिर प्रदर्शन की तैयारी
परविंदर सिंह परी ने कहा कि कांग्रेस अब ‘लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ’ अभियान के तहत 8 अक्टूबर को अंबाला शहर में रोष मार्च निकालेगी। उनके मुताबिक इस कार्यक्रम में राज्य स्तर के कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे।
कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता को लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े आरोपों को संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक जांच और तथ्यों के आधार पर ही अंतिम रूप से तय किया जा सकता है।