Key Highlights

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 और 26 मई को बीकानेर दौरे पर रहेंगे, जहां भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा को ‘स्मार्ट बॉर्डर’ में बदलने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
  • इस दौरान सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ड्रोन सर्विलांस, हाईटेक सेंसर और स्मार्ट फेंसिंग जैसे आधुनिक तकनीकों पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
  • गृह मंत्री बीएसएफ जवानों से सीधा संवाद करेंगे और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल भी बढ़ेगा।

राजस्थान से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा को अब पूरी तरह ‘स्मार्ट बॉर्डर’ में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। सीमा सुरक्षा को तकनीक के जरिए और मजबूत करने तथा घुसपैठ की हर कोशिश को नाकाम बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 25 और 26 मई को बीकानेर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान सीमा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा रणनीतिक मंथन होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण दौरा

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गृह मंत्री के इस दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। यह दौरा भारतीय सीमा की सुरक्षा को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

बीएसएफ मुख्यालय में रात्रि विश्राम और समीक्षा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 25 मई को बीकानेर पहुंचेंगे। यहां वे सीमा सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा करेंगे। रात को वे बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय में ही रात्रि विश्राम करेंगे। गृह मंत्री का यह कदम सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर हालात को समझने की एक महत्वपूर्ण रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सांचू बॉर्डर चौकी का दौरा और जवानों से संवाद

दौरे के दूसरे दिन, यानी 26 मई को अमित शाह हेलीकॉप्टर से सीधे सांचू बॉर्डर चौकी पहुंचेंगे। यहां वे बीएसएफ जवानों के साथ सैनिक सम्मेलन में शामिल होंगे। गृह मंत्री सीमा पर तैनात जवानों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी चुनौतियों को समझेंगे। इसके अलावा, महिला बैरकों का ई-उद्घाटन भी किया जाएगा, जो महिला जवानों की सुविधाओं में सुधार की दिशा में एक कदम है।

ड्रोन, सेंसर और स्मार्ट फेंसिंग पर बड़े फैसले की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान पांच संभागों के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक आयोजित होगी। इसमें बॉर्डर पर ड्रोन सर्विलांस, हाईटेक सेंसर, स्मार्ट फेंसिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर विस्तार से चर्चा होगी। माना जा रहा है कि घुसपैठ रोकने के लिए एक फुलप्रूफ एक्शन प्लान पर अंतिम मुहर भी लग सकती है। यह तकनीक-आधारित निगरानी सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने में सहायक होगी।

राजस्थान की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का रणनीतिक महत्व

राजस्थान की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को देखते हुए यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या अवैध गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।